सायबर पुलिस ने पर्दाफाश, दवाई कंपनी की इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर देशभर में करोड़ों की ठगी
भोपाल। दवा कंपनी में निवेश के बदले करोड़ों रुपए का फायदा दिलाने के नाम पर भेल के रिटायर कर्मचारी से 40 लाख रुपए ठगने वाले 4 आरोपियों को सायबर पुलिस ने दिल्ली और कानपुर से पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। ठगों के रैकेट ने धोखाधड़ी के लिए कॉलसेंटर संचालित कर रखा था, जिसके जरिए से देशभर में करोड़ों रुपए ठगे गए।
सायबर पुलिस के अनुसार गिरफ्तार चारों आरोपी बदरपुर, दिल्ली से दवाई कंपनी की इन्श्योरेंस पॉलिसी के नाम पर ठगी का यह रैकेट कॉल सेंटर चला रहे थे। इनको वित्तीय संस्थानों के काम-काज की अच्छी समझ होने से दिल्ली में बंद हो चुकी दवाई कंपनी के नाम से कॉल सेंटर शुरू किया और बीमा पालिसी देने लगे। सायबर पुलिस ने इनके पास से कई मोबाइल फोन, कम्प्यूटर, बैंक एकाउण्ट एवं 20 हजार से जदा इन्श्योरेंस पॉलिसी का डाटा जब्त किया है। इस बारे में एडीजी सायबर योगेश चौधरी ने बताया कि शुरूआत में एक अज्ञात फरियादी की शिकायत दर्ज की गई, जिसमें वाट्सएप और ई-मेल में इंश्योरेंट पालिसी चालू करने के नाम पर वर्ष 2018 से 2020 तक विभिन्न दस्तावेज भेजकर अलग-अलग बैंक खातों में 40 लाख रुपए जमा करवा लिए गए। इस पर धारा 420 , 120 बी, 201 भा.द.वि., 66 डीआईटी एक्ट में दर्ज करके निरीक्षक अभिषेक सोनेकर ने जांच शुरू की। इसमें दिल्ली और कानपुर से नेटवर्क संचालित होने की जानकारी मिली। इसके बाद कानपुर से आरोपी नितिन त्रिवेदी पिता गोविन्द कांत त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पूछताछ के आधार पर एक्सिस बैंक व आईडीएफसी बैंक खातों से 5 लाख रुपये प्राप्त करने का खुलासा हÞुआ, यह राशि बाद में दूसरे आरोपियों को दिल्ली ट्रांसफर की गई थी। नितिन त्रिवेदी पूर्व में कई बैंकों में कार्य कर चुका है तथा बैंकिंग की जानकारी थी। विवेचना टीम ने बाद में गुडगांव में दबिश देकर आरोपी अर्पित गुप्ता, पिता राकेश गुप्ता को पकड़ा, जोकि गुडगांव के एयू स्माल फायनेन्स बैंक में कॉर्पोरेट सैलरी विभाग में एरिया मैनेजर के पद पर कार्यरत था। अर्पित गुप्ता व नितिन त्रिवेदी पूर्व में एक साथ इण्डसइण्ड बैंक दिल्ली में कार्य कर चुके है। दोनो ही आॅनलाईन ठगी करने वाले गिरोह के संपर्क में थे, जिन्हें वे बैंकिंग सूचनाएं तथा बैंक खाते की जानकारी देते थे। इन दोनों से पूछताछ के बाद दिल्ली के बदरपुर इलाके में दबिश देकर आरोपी सुप्रोभात माली पिता रविन माली, स्थाई निवासीबैतूल, मप्र एवं आरोपी रघु आनंद पिता पवन कुमार, फरीदाबाद, हरियाणा को पकड़ा। यह आरोपी लाईका आयुर्वेदा हेल्थ एवं ब्यूटी प्रायवेट लिमिटेड नाम की कंपनी रजिस्टर्ड कराकर इसकी आड में कार्यालय में नौजवान यूवक, युवतियों को नौकरी पर रखकर विभिन्न कंपनियों की इन्श्योरेंस पॉलिसी का डाटा प्राप्त कर उनके धारकों को कॉल कर लुभावने आॅफर देकर ठगी करते थे। आरोपियों के कार्यालय से डीवीआर, इन्टरनेट मॉडम, मोबाईल फोन, सिमकार्ड, कम्प्यूटर सिस्टम तथा 20,000 इन्श्योरेंस कंपनियों का डाटा जप्त किया गया है।
इस टीम ने किया गिरफ्तार
निरीक्षक अभिषेक सोनेकर, उनि देव सिंह धुर्वे, विनय नरवरिया, भानू प्रकाश उपाध्याय, अश्विनी चौधरी, स्वाति अहलावत, प्रधान आरक्षक तरुण चौकीकर, राजेश दीक्षित, आरक्षक सुरेश मीणा, धर्मेन्द्र शर्मा, भागवत सिंह, रीतिका द्विवेदी।
