शामगढ़। नगर के मेन रोड़ पर संचालित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादीत मंदसौर शाखा शामगढ़ में किसानों के हाल बेहाल है। कोरोना से बचाव का ज्ञान बांटने वाला प्रशासन सिस्टम यहाँ दुर दुर तक नजर नही आ रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग के गोले , 2 गज की दुरी ,सेनेटाईजर ,कोरोना गाईडलाईन पालन तो बहुत दुर की बात है यहाँ तो पानी और छांव की भी उचित व्यवस्था तक नही है। बैंक के अंदर बैठा स्टाफ बस यह बोलकर इतिश्री कर रहा है की थोडा़ धीरे बोलो ,धीरे आओ ,धीरे जाओ।
यहाँ आ रहे किसान पडो़स की दुकानों और नीम के पेड़ के नीचे छांव पाने की गरज से खडे़ होने को मजबुर है। यहाँ संस्था द्वारा 5 - 7 करके ग्राहक अंदर लिए जा रहे है। लोग परेशान है लेकिन कोई नेता ,अधिकारी देखने तक नही आ रहा है। संस्था चाहे तो यहाँ टेंट लगवा सकती है लेकिन उसका भुगतान कौन करेगा इस ऊहापोह में टेंट नही लग पा रहा है , भले ही किसान मरे जीए किसको मतलब रह जाता है। कोरोना गाईडलाईन का खुला उलंघन यहाँ देखने को मिल रहा है।
दरअसल यहाँ पैसे निकालने के लिए हर बार यही समस्या जस की तस रहती है । हर बार किसान ग्राहक परेशानी से दो चार होकर जाता है लेकिन फिर भी कभी किसानों को कोई राहत नहीं मिल पाती है। उसकी भी मजबुरी है वरना यहाँ धक्को में ,तरबतर गर्मी और सुखे गले लेकर कौन आना पसंद करेगा। इस तरह की परेशानी ये सिद्ध करती है कि किसान की तकलीफों को समझने वाला कोई नही है। चाहे वह दिल्ली हो ,पंजाब हरियाणा हो या फिर अपना शामगढ़ ..!
