सागर/देवरी कला। जिले के देवरी के ग्राम ईश्वरपुर में करीब 14 एकड पट्टे की भूमि रंग-बिरंगे बहुमूल्य पत्थर के गोला गोला कंकड़ गुरिया उगल रही है। इन पत्थरों के गुरिया पाने के लिए सुबह से शाम तक पूरा गांव उमड़ पड़ता है।
देवरी विकासखंड की ग्राम पंचायत ईश्वरपुर मे आदिवासियों के खेत में बहुमूल्य गुरिया नुमा पत्थर मिल रहे हैं। बड़ी संख्या में गांव के लोग पत्थर नुमा गुरियो को खोजने में जुटे हुए हैं। प्रत्येक व्यक्ति रोजाना 2 हजार से लेकर 10 हजार तक कमा रहे ।
ईश्वरपुर ग्राम के किसान रतन सिंह ठाकुर के खेत में पिछले कुछ महीनों से ऐसे ही रंग बिरंगे आकर्षक चमकीले किस्म के बहुमूल्य पत्थर के गुरिया मिलने से यहां के लोगों की किस्मत चमकने लगी है। अधिकांश लोग मेहनत मजदूरी छोड़कर खेत में गैंती, फावड़ा लेकर सुबह से शाम तक गुरिया तलाशने में जुटे रहते हैं। लोग जमीन को खोद खोद कर गुरिया निकालते हैं और बाहर के व्यापारी गांव में आकर महंगे दामों में यह गुरिया खरीद लेते हैं।लोग बताते हैं कि सबसे छोटे गुरिया की कीमत 100 और बड़े गुड़िया की कीमत 2 हजार से 10 हजार तक मिल जाते हैं। दिन भर में लोग 5 से 6 गुरिया खोज लेते हैं। कभी कभी लोगों को यह गुरिया मिलते हैं। ,कभी नहीं भी मिलते हैं लेकिन रोज सैकड़ों की संख्या में लोग गुरिया खोजने के लिए खेतों में देखे जा सकते हैं।गांव के आकाश पटेल ने बताया कि बारिश होने पर यह गुरिया पानी में साफ होकर जल्दी मिल जाते हैं। वह महंगे दामों पर बाहर के व्यापारियों को बेच देते हैं। गांव के अनिकेत घोसी ने बताया कि सुबह से आज पांच गुरिया मिले हैं। जिसमें छोटे-छोटे गुरिया हैं। यह 200 से 1000 तक के बीच में बिक जायेंगे । ग्रामीण रज्जन ने बताया कि आज सुबह से खुदाई में दो गुरिया मिले हैं जो लगभग 400से 500 रुपये में बिक जाते है।
ग्राम पंचायत सचिव कृष्णा यादव का कहना है कि गांव में पट्टे की भूमि जो आदिवासियों को दी गई थी उसमें पत्थर के गुरिया निकल रहे हैं। गांव के लोग यह गुरिया जबलपुर के व्यापारियों को बेचते हैं यह जानकारी मुझे मिली है ।
इस संबंध में नगर के प्रतिष्ठित स्वर्णकार सौरभ सोनी का कहना है कि यह पत्थर एक टाइप का हकीक जैसा पत्थर है। जिसकी बारीकी से जांच के बाद ही उसकी कीमत का अनुमान लगाया जा सकता है।
वही इन पत्थरो को लेकर डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के भूगर्भ शास्त्री प्रो. आरके त्रिवेदी का कहना है कि डेक्कन ट्रेप में लावा की ऊपरी सतह पर कैविटी होती हैं। जिनके भीतर सेकंडरी खनिज मिलते हैं। जिसमें मुख्य रूप से सिलिका के विभिन्न खनिज जैसे- अगेट, चर्ट, जसपर मिलते हैं। यह इन्हीं का भूअपर्दन से बनी हुई मिट्टी के साथ मिल रहा है। यह सजावटी पत्थर है। इसीलिए यह बिक रहा है। आसपास के क्षेत्र में भी इनके मिलने की संभावना है। इनकी ज्यादा कीमत नही होती लेकिन पुराने समय में इन्हें बहुमूल्य पत्थरों के रूप में वर्ग विशेष के लोग पहना करते थे।
इनका कहना है
ईश्वरपुर गांव में पट्टे की जमीन में पत्थर के गुरिया निकलने की जानकारी मिली थी उन्होंने मौका भी देखा था और शुक्रवार को तहसीलदार देवरी गांव जाएंगी और इन पत्थरो की जांच के लिए मौका देखेंगी और पत्थरो की जांच के लिए बाहर भेजा जाएगा कि यह कौन से पत्थर हैं और इसकी कीमत क्या है।
- जितेंद्र पटेल पटवारी ईश्वरपुर
इनका कहना है
मेरी जानकारी में ईश्वरपुर में बहुमूल्य पत्थर मिलने की जानकारी मिली है इसकी जांच के लिए शुक्रवार को गांव जाएंगे।
-विनीता जैन तहसीलदार देवरी
मैने तहसीलदार व राजस्व के अन्य अमले से जांच कराई है व पूरे मामले में कलेक्टर सर व खनिज विभाग तथा अन्य संबंधित विभाग को जानकारी से अवगत कराया गया है सागर से जांच टीम भी एक दो दिन मै आ रही है आगे की कार्यवाही उनके नियमानुसार की जायेगी
-अमन मिश्रा एसडीएम देवरी






