शैलचित्रों को विश्व धरोहर व बकस्वाहा जंगल बचाने की महामहिम राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से मिलकर करेंगे अपील
छतरपुर। भारत के वन पुरुष के रूप में सम्मानित पद्मश्री पुरस्कार विजेता जादव मोलाई पायेंग ने जिला मुख्यालय के गांधी भवन में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। पत्रकार वार्ता में उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर, पर्यावरण प्रेमी शरद कुमरे व पर्यावरण विद अश्विनी दुवे भी मौजूद रहे। वन पुरुष जादव पायेंग ने बताया कि वे 12 व 13 सितंबर को जिले के दौरे पर रहे। जहां उन्होंने बकस्वाहा के जंगलों और जटाशंकर, मौनाशैय्या सहित कई स्थानों पर शैलचित्रों का भ्रमण किया। जटाशंकर धाम में शैलचित्रों का भ्रमण करते समय शरद कुमरे व अमित भटनागर के साथ जटाशंकर न्यास के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल भी उपस्थित रहे। जादव पायेंग ने कहा कि ये हमारे लिए गौरव की बात है कि दुनिया के इतने प्राचीनतम धरोहर हमारे देश के छतरपुर जिले मे मौजूद है, वन पुरुष ने उनके संरक्षण और उन्हें विश्व धरोहर घोषित करने की मांग का सार्थन करते हुए कहा कि वे महामहिम राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री महोदय से मिलकर इस सम्बंध में बात करेंगे। साथ ही उन्होंने बक्स्वाहा के जंगल को न काटे जाने की भी बात कही। दौरा कार्यक्रम में दिनेश मिश्रा, बहादुर आदिवासी, बृजेश शर्मा, राहुल अहिरवार, भगतराम तिवारी, बब्लू कुशवाहा, हिसाबी राजपूत, गौरीशंकर यादव, तुलसी आदिवासी आदि का विशेष योगदान रहा। गौरतलब है कि वन पुरुष के रूप में विख्यात जादव पायेंग ने 1360 एकड़ का जंगल खड़ा करके न सिर्फ हजारों जंगली जानवरों को एक बसेरा दिया है बल्कि पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी मिसाल भी कायम की है, वे ऐसा करने वाले दुनिया के इकलौते व्यक्ति है, इसलिए उन्हें भारत का वन पुरुष कहा जाता है और उनके प्रशंसक पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद अमिताभ बच्चन सहित पूरे दुनिया में फैले हैं।


