पुलिस अधीक्षक कार्यालय मे सम्पन्न हुई बैठक
होशंगाबाद। जिले के नवागत पुलिस कप्तान गुरूकरण सिंह के द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू एव वयवस्थित बनाने के लिये आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय मे एक बैठक का आयोजन किया गया।आयोजित बैठक में पुलिस उप अtधीक्षक यातायात आर. सी. गुप्ता, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) श्रीमति मंजू चौहान,यातायात थाना प्रभारी आशीष सिंह पवार, कोतवाली थाना प्रभारी संतोष सिह चौहान, आरटीओ उडनदस्ते से टीएसआई शिवानी मुकाती के अतिरिक्त शहर के बस ऑनर एसोसिएशन, ट्रक डम्फर ऑनर एसोसिएशन, टैक्सी यूनियन, लोडिंग वाहन यूनियन तथा ऑटो यूनियन के पदाधिकारी एवं प्रमुख सदस्य शामिल हुए। मीटिंग में शहर की यातायात व्यवस्था सुधार हेतु विभिन्न मुद्दो पर विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा में मुख्यतः विगत दिनो बस स्टेण्ड पर बस एजेन्टो के मध्य विवाद को लेकर चर्चा हुई, निर्णय लिया गया कि प्राइवेट बसें, सूत्र सेवा बसे, चार्टड बसें अपने निर्धारित बस स्टेण्ड से ही चलेगी। बस एजेन्टो का एक डाटाबेस तैयार किया जावेगा। अपराधिक रिकॉर्ड वाले बस एजेन्टो के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जावेगी। बस स्टेण्ड से निकलने के बाद शहर में बसे जिन स्थानो पर सवारी चढ़ाने उतारने के लिए क्षणिक विराम लेकर आगे जा सकती है, उन स्थानो को शीघ्र चिन्हित कर लिया जावेगा। बसे स्टेण्ड से निकलने के पश्चात् अलग-अलग स्थानो पर रोककर यातायात में व्यवधान उत्पन्न करने वाले बस चालको के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जावेगी । पिपरिया की ओर जाने वाली बसे बस स्टेण्ड से मीनाक्षी चौराहे की ओर से न जाकर हीरो होण्डा चौराहा, पानी की टंकी चौराहा, अंजाक थाना तिराहा होकर पिपरिया की ओर सीधी जायेंगी। इटारसी की ओर जाने वाली बसो के लिए मीनाक्षी चौराहे के आसपास कोई स्थान चिन्हित कर शीघ्र बस स्टॉप बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जावेगा। टैक्सी, ऑटो तथा लोडिंग वाहन ऑपरेटरो को निर्देशित किया गया कि निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी अथवा माल का परिवहन करते पाये जाने पर सख्त वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। ट्रक / डम्फर एसोसिएशन की ओर से समस्या रखी गई कि बस / ट्रक मैकेनिक तथा स्पेयर पार्ट्स की दुकाने शहर के अन्दर संचालित है और दिन के समय नो एन्ट्री के कारण उनके वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर पाते है। अतः केवल वाहन रिपेयरिंग के लिये खाली वाहन दिन के समय शहर में प्रवेश करने हेतु नो एन्ट्री के समय में आंशिक छूट प्रदान की जावे। इस मुद्दे पर विचारोपरांत निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया।
