ग्राम लड़वारी खास में 2 किसानों की हुई नृशंस सनसनीखेज हत्या
भतीजे ने चाचा और उसके दोस्त को कुल्हाड़ी से मौत के घाट उतारा
घटना ने प्रयुक्त खून से सनी कुल्हाड़ी आरोपी की निशादेही पर की गई बरामद
टीकमगढ़/निवाड़ी। खेत में फसल की रखवाली कर रहे दो किसानों की सोते वक्त कुल्हाड़ी से गला काटकर नृशंस हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसके साथ ही घटना के वक्त पास के खेत में सो रहे एक अन्य किसान की हत्या करने का भी प्रयास किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि हत्यारा कोई और नही बल्कि भतीजा है। शराब को लेकर चाचा भतीजे के बीच बहस हुई,इसी को लेकर चाचा सहित उनके दोस्त को मौत के घाट उतार दिया।
एसपी तुसारकांत विद्यार्थी ने जानकरी देते हुए बताया कि मंगलवार- बुधवार की दरम्यानी रात मूंगफली फसल की सुरक्षा के लिए खेत में सोये हुए सूरी रैकवार पिता हरपे रैकवार उम्र-50 वर्ष निवासी- शिवरामपुर लड़वारी खास, एवं 100 मीटर दूर काशीराम रैकवार पिता घंसू रैकवार उम्र-40 वर्ष निवासी- लड़वारी खास थाना पृथ्वीपुर की मूंगफली के खेत में आम के पेड़ के नीचे सोते वक्त किसी ने धारदार हथियार से गले पर वार कर हत्या कर दी है। पूछताछ में पड़ोस के खेत में सोए चिपला उर्फ हरगोविंद कुशवाहा द्वारा बताया गया कि गांव का शिवदयाल ढीमर रात में 2 बजे के आसपास उसके पास आया और पीने का पानी मांगा वापस चला गया और फिर कुछ देर बाद दोबारा चिपला के पास आया और चिपला को धमकाते हुए बोला कि तुमने गवाही दी तो तुम्हें भी काट दूँगा,तब चिपला स्वयं को छुड़ाकर वहां से भागा और गांव वालों को बताया। घटना को अंजाम देकर आरोपी शिवदयाल मौके से फरार हो गया थ, आरोपी शिवदयाल से पूछताछ में बताया कि चाचा सूरी और उसके दोस्त काशीराम प्रतिदिन रात्रि में खेत में शराब पीते थे ,जिसमें चाचा सूरी शराब खरीदकर लाता था और भतीजा नहीं लाता था, चाचा सूरी 2 दिन से लगातार शराब ला रहा था इसलिए चाचा सूरी ने कहा कि मैं दो दिन से पिला रहा हूँ और आज तुम पिलाओगे, इस बात को लेकर बहस हो गयी और चाचा सूरी और काशीराम के सोते ही आरोपी ने पहले चाचा सूरी को खाट के नीचे रखी कुल्हाड़ी से गले में वार कर मार दिया, उसके बाद काशीराम को उसी कुल्हाड़ी से मार दिया बाद में हरगोविंद कुशवाहा उर्फ चिकला के पास आया और गला पकड़कर बोला अगर तू ने गवाही दी तो तुझे भी काट दूँगा।" चिकला शिवदयाल को पैर से धकेलकर गांव की ओर जान बचाकर भागा और घटना के बारे में बताया।
दे गया मारने की धमकी
दो किसानो की हत्या के बाद तीसरे किसान केओ मारने का प्रयास किया गया। किसान हरगोविन्द ने बताया कि देर रात करीब दो से तीन बजे के बीच गांव का शिवदयाल उसके खेत पर आया और पीने के लिए पानी मांगा था, मैंने कहा कि वहां रखा है पानी पी लो, पानी पीने के बाद वह चला गया। उसके कुछ देर बाद शिवदयाल पुनः आया और मेरी गर्दन दबाने का प्रयास किया। हरगोविंद ने खुद का बचाव करने के लिए उसे लात मारी, तो वह बोला- ''दो को तो मैंने काट डाला है तुझे भी मारूंगा...। हरगोविन्द ने पड़ोस में सो रहे काशीराम रैकवार व सूरी रैकवार को चिल्ला कर आवाज दी, लेकिन वहां से जब कोई आवाज नहीं आयी तो उसने गांव की ओर भागकर अपनी जान बचाई।