दो साल से डाल रखे पाइप, मंडी प्रबंधन और प्रशासन मौन
माचलपुर। जीरापुर तहसील की कुंडालिया डेम परियोजना से पेयजल लाइन और भूमिगत सिंचाई लाइन का काम इन दिनों प्रगति पर है। पेयजल और सिंचाई हेतु लाइन बिछाने के लिए एल& टी कंपनी क्रियान्वयन एजेंसी है। एल&टी कंपनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप लाइन बिछाने हेतु अलग अलग सेंटरों पर पाइप लाइन के पाइप स्टोर केंद्र बना रखे हें। कहीं निजी परिसरों में तो कहीं शासकीय जमीन पर बने इन पाइप स्टोर सेंटरों में पीपल्या कुल्मी आवास कालोनी में भी लगभग दो साल से कंपनी द्वारा मंडी प्रबंधन की मिली भगत से बगैर किराया दिए कृषि उपज मंडी की जमीन पर पाइप स्टोर केंद्र बनाकर कब्जा जमा रखा है ।
उल्लेखनीय है कि कृषि उपज मंडी से एल&टी कंपनी द्वारा किराया नामा अनुबंध किए बगैर ही पाइप स्टोर केंद्र बना रखा है। इस बात की जानकारी मंडी प्रबंधन ,भार साधक नायब तहसीलदार माचलपुर को भी है । आखिर मंडी प्रबंधन की अनुमति के बगैर कैसे एल& टी कंपनी ने अपने पाईप डाल रखे हैं ? यह सवाल खड़ा होता है जिसका जवाब मंडी और भारत साधक द्वारा घुमाफिरा कर दिया जाता है।
उप मंडी की जमीन पर बगैर किराया दिए दो साल से कब्जा जमाकर मंडी या सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है जबकि कंपनी को कार्य करने के लिए करोडों रूपए दिए हें। यहां पदस्थ गार्ड प्रभूलाल वर्मा से बात करने पर गार्ड केबिन में लगी जमीन के खसरा नंबर की छपी पर्ची बताते हुए बताया कि कंपनी ने यह जमीन लीज पर ले रखी है । लेकिन जब जानकारी जुटाई तो गार्ड के कैबिन में चिपकी पर्ची पर लिखा पता गलत पाया गया।
केबिन की पर्ची में लिखा है कि मूंदड़ा पेट्रोल पंप के पास पीपल्या कुल्मी खसरा नंबर 1969/5 जबकि पीपल्या कुल्मी में कोई पेट्रोल पंप ही नहीं है । दरअसल पीपल्या कुल्मी उप मंडी की जमीन का खसरा नंबर 1052 है। वहीं पीपल्या कुल्मी गार्ड के केबिन में लिखा खसरा नंबर 1969/5 पीपल्या कुल्मी का नहीं बल्कि माचलपुर के एक वेयर हाऊस का ऩंबर है ।
इस तरह कूट रचित पर्ची से गुमराह कर उप मंडी की जमीन पर एल&टी कंपनी द्वारा राजस्व का नुक़सान किया जा रहा है। इस मामले में भोपाल कृषि विपणन बोर्ड की उप संचालक रितु चौहान से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि मेरे संज्ञान में यह बात नहीं थी। में माचलपुर मंडी सचिव को निर्देश देती हूं। वहीं भारत साधक माचलपुर नायब तहसीलदार नवीन चंद्र कुंभकार और मंडी सचिव राजेश खरे ने बताया कि हमने किराया निर्धारण हेतु पत्राचार किया है। हम किराया निर्धारित नहीं कर सकते ।