भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ओलावृष्टि से प्रभावित बीमित फसल का 25 प्रतिशत बीमा कम्पनी एडवांस में भुगतान करेगी। शेष 75 प्रतिशत राशि सेटलमेंट होने के बाद बीमा कम्पनी द्वारा संबंधित कृषकों को भुगतान किया जाएगा। राहत राशि राज्य सरकार देगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा और राहत राशि मिलाकर किसानों को उनकी फसल क्षति की भरपाई की जाएगी। कोई भी गरीब किसान राहत राशि से वंचित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज राजगढ़ जिले के छायन ग्राम में ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त सरसों, गेहूँ, चना और मसूर की फसलों का जायजा लेने पहुँचे थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसान भाई परेशान न हो, संकट के समय सरकार उनके साथ है और उन्हें इस संकट से भी निकालेगी। प्रभावित कृषकों की बेटियों का विवाह है, तो वह भी राज्य सरकार कराएगी। किसानों को तकलीफ से बाहर निकालना उनका धर्म है, कर्त्तव्य है और उनकी ड्यूटी भी है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिला प्रशासन को निर्देश दिये कि एक-एक गाँव का सर्वे हो। सर्वे सूची ग्राम में चस्पा कराई जाए, जिससे छूटा हुआ कृषक आपत्ति दर्ज कराकर अपना नाम सर्वे सूची में जुड़वा सके। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सर्वे कार्य चोरी-छुपे नहीं हो, कोई भी प्रभावित कृषक छूटे नहीं। सभी संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें की सर्वे का कार्य पारदर्शिता और संवदेनशीलता के साथ हो।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जहाँ गेहूँ, सरसों, चना, मसूर की फसल को ओलावृष्टि से 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है वहाँ प्रति हेक्टेयर 30 हजार रूपये की राहत राशि प्रदान की जाएगी। पशुओं की मुत्यु होने पर गाय-भैंस के मामले में 30 हजार रूपये प्रति पशु, बैल-भैंसा की मृत्यु होने पर 25 हजार रूपये, बछड़ा-बछड़ी की मृत्यु होने पर 16 हजार रूपये, बकरा-बकरी की मृत्यु होने पर 3 हजार रूपये तथा मुर्गा-मुर्गी की मृत्यु होने पर 60 रूपये प्रति मुर्गा-मुर्गी राहत राशि प्रदान की जायेगी।