संविदा नीति संशोधन की 10 महीने से मांग कर रहे हैं ऊर्जा मंत्री से नहीं हो रही कोई सुनवाई
संविदा कार्यकारिणी ने बैठक कर लिया बड़ा फैसला
भोपाल । मध्य प्रदेश यूनाइटेड फोरम के संविदा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक भोपाल में संपन्न हुई बैठक में सभी पदाधिकारियों की सहमति से फैसला लिया गया कि 26 अप्रैल 2022 को ऊर्जा मंत्री प्रदुमन सिंह तोमर के बंगले पर भजन कीर्तन, थाली बजाकर ऊर्जा मंत्री मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण करेंगे।
संगठन के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र श्रीवास्तव ने बताया पिछले 10 महीने से संगठन के द्वारा ऊर्जा मंत्री को लगातार पत्राचार किया जा रहा है फरवरी महीने में मंत्री के बंगले पर ज्ञापन भी दिया गया एवं मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले से स्पीड पोस्ट के माध्यम से मंत्री का ध्यानाकर्षण किया गया इसके प्रदेश के विधायक सांसद को ज्ञापन देकर संविदा नीति संशोधन की मांग की गई।
संगठन के संयोजक बीकेएस परिहार ने बताया ऊर्जा मंत्री हर बार आश्वासन दे देते हैं लेकिन आज तक उनका आश्वासन पूरा नहीं हुआ। कार्यकारिणी ने क्या किया है मध्य प्रदेश के समस्त जिलों से सीमित संख्या में 200 विद्युत संविदा अधिकारी कर्मचारी मंत्री जी के बंगले पर आकर भजन कीर्तन थाली बजाकर ध्यानाकर्षण करेंगे।
संविदा नीति में संशोधन ना होने की स्थिति में बिजली कंपनियों में लागू मार्च माह से महंगाई भत्ता 11% का लाभ 6 हजार बिजली संविदा अधिकारी कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा।
ये हैं मांग...
1. संविदा अनुबंध को निरंतर 60 वर्ष तक किया जाए 3 दिन का अंतर खत्म किया जाए.
2. कंपनी टू कंपनी गृह जिला ट्रांसफर नीति बनाई जाए
3. संविदा कर्मचारी का निष्कासन नियमित कर्मचारी के समान किया जाए.
4. संविदा कर्मचारी का वार्षिक वेतन वृद्धि 3% किया जाए वर्तमान में संविदा को 1% वार्षिक वेतन वृद्धि दिया
5. विद्युत संविदा कर्मचारियों का महंगाई भत्ता साल में दो बार दिया जाए.
6. चिकित्सा पूर्ति ,दुर्घटना बीमा, अनुकंपा नियुक्ति दी जाए
7. संविदा कर्मी को जोखिम भत्ता, नेशनल हॉलिडे, रात्रि कालीन हॉलीडे अलाउंस दिए जाएं.
8. संविदा कर्मचारी का एक्सीडेंटल मृत्यु उपरांत 4 लाख बीमा राशि से बढ़ाकर ₹50 लाख किया जाए.
9. परीक्षण सहायक 2013 बेच को परीक्षण कराने के बाद नियमित किया जाए.
10. संविदा पॉलिसी 2018 लागू होने के बाद पूर्व क्षेत्र एवं पश्चिम क्षेत्र कंपनी में NPS कटना बंद हो गया है पूर्व की भांति एनपीएस चालू किया जाए
11. संविदा कर्मचारी को वर्तमान वेतन का वास्तविक 90% दिया जाए।
12. लाइन अटेंडेंट कर्मचारियों को आईटीआई पास होने के बाद भी चतुर्थ श्रेणी में रखा गया है उन्हें तृतीय श्रेणी में किया जाए।


