Type Here to Get Search Results !

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाईज एसोसिएशन के 77 वें स्थापना दिवस पर बैंक कर्मियों की प्रभावी सभा

देश, समाज, श्रमिक संगठनों एवं बैंकिंग उद्योग की बेहतरी के लिए बैंक कर्मियों ने शपथ ली

भोपाल। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाईज एसोसिएशन के 77 वें स्थापना दिवस पर राजधानी भोपाल की बैंकों के सैकड़ों बैंक कर्मचारी एवं अधिकारियों द्वारा आज शाम 6:00 बजे भोपाल हाट स्थित नाइन मसाला के हरे भरे लॉन में एकत्रित होकर एक कलरफुल, प्रभावी, इंकिलाबी सभा का आयोजन किया। सभा स्थल को संगठन के लाल रंग की पताकायों एवं झंडों से पाट दिया गया था। सभा में उपस्थित बैंक कर्मियों की लाल ड्रेस आकर्षण का केंद्र थी। सभा को बैंक कर्मचारी-अधिकारी नेताओं वी के शर्मा, डी के पोद्दार, जे पी झवर, एम जी शिंदे, गुणशेखरन, शिव शंकर मौर्या,अनूप सिंह तोमर ,एम एस जयशंकर, प्रभात खरे,अशोक पंचोली, जे पी दुबे, देवेंद्र खरे, जी बी आनेकर, जे डी मलिक, श्रीपाद घोटनकर, सत्येंद्र चौरसिया, वैभव गुप्ता, भगवान स्वरूप कुशवाहा, बी एस रावत आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने बताया किए एआईबीईए की स्थापना आज से 76 वर्ष पूर्व 20 अप्रैल 1946 को कलकत्ता में हुई थी। किसी भी संगठन द्वारा अपना 77 वां स्थापना दिवस मनाना अपने आप में महत्वपूर्ण है। बैंक कर्मचारियों का यही एक ऐंसा संगठन है जिसका अपने संघर्षों एवं ढेर सारी उपलब्धियों का इतिहास है। इसके पदाधिकारियों की निस्वार्थ सेवाओं, संघर्षों एवं कुर्बानियों से संगठन के इतिहास के पन्ने भरे मिलेंगे। सभी राजनैतिक विचारधाराओं, धर्मों, जाति एवं क्षेत्र के व्यक्ति इसके सदस्य हैं। इस संगठन की ताकत, गौरव, एवं सम्मान का मुख्य कारण इसके सदस्यों की इसके प्रति अटल निष्ठा, भरोसा, प्यार, स्नेह, दृढ़- विश्वास, प्रतिबद्धता एवं समर्पण है। ये संगठन एक सेना है जिसके सिपाही सम्पूर्ण देश में फैले हुए हैं एवं जो संगठन के साथ हर समय खड़े हैं। हाल ही के वर्षों में नई पीढ़ी के लाखों युवा साथी संगठन से जुड़े हैं तथा वे संगठन के हर कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर भाग ले रहे हैं। इन्होंने संगठन को और अधिक मजबूती प्रदान की है। सही मायने में ये संगठन का भविष्य है। इस महान अतुलनीय संगठन के सदस्य होने पर हमे गर्व है। बैंकिंग उद्योग में ट्रेड यूनियनों की स्थापना, बैंकों का राष्ट्रीयकरण, द्विपक्षीय समझौता वार्ता प्रणाली, बैंकों के निदेशक मंडल में कामगार निदेशक की नियुक्ति, मूल्य सूचकांक से जुड़ा महगाई भत्ता, पेंशन एवं बैंक कर्मियों को प्राप्त हो रहीं अन्य सुविधाएं इस महान संगठन की देन है। बैंकिंग उद्योग में बैंक कर्मियों के अधिकारों एवं सुविधाओं को प्राप्त करने  तथा बैंकिंग उद्योग की बेहतरी के लिए सबसे ज्यादा राष्ट्र व्यापी हड़तालें करने का रिकार्ड भी इसके नाम है। यह बैंक कर्मियों की एकता, संघर्षों, उम्मीदों,आकांक्षाओं एवं उपलब्धियों का प्रतीक है। आज हम उन सभी नेताओं को सलाम करते हैं जिन्होंने संगठन को वर्तमान ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। 

वी के शर्मा महासचिव मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लाईज एसोसिएशन

सभा के अंत में बैंक कर्मियों ने शपथ ली की वे - एआईबीईए के बैनर तले एकजुट रहकर यूएफ बीयू एवं श्रमिक संगठनों की एकता को मजबूत करेंगे,बैंक कर्मचारियों के हितों को बढ़ावा देने के लिए सभी संघर्षों के लिए तैयार रहेंगे, नौकरियों तथा नौकरी की सुरक्षा पर होने वाले हमलों के विरुद्ध संघर्ष करेंगे, सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग की रक्षा करेंगे, ग्राहक सेवा को और बेहतर बनाकर बैंक के ग्राहकों को बेहतर, त्वरित एवं उत्तम ग्राहक सेवा प्रदान करेंगे, निजीकरण तथा अन्य कथित बैंकिंग सुधारों का विरोध करेंगे, मजदूर विरोधी श्रम सुधारों को रद्द कराने के लिए अन्य श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर संघर्ष करेंगे, लोगों के लिए बैंकिंग को मौलिक अधिकार के रूप में प्राप्त करने के लिए संघर्ष करेंगे, जीवंत भारत बनाने के लिए जीवंत बैंकिंग नीतियों की लंबित मांग के निराकरण के लिए संघर्ष करेंगे, मजदूर वर्ग के साथ एकजुटता बनाए रखेंगे,इंसान के द्वारा इंसान के शोषण की व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष करेंगे, एक मजबूत, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के लिए संघर्ष करेंगे, बैंकों के खराब ऋणों की वसूली के लिए कठोर एवं कारगर कदम उठाने की मांग के लिए संघर्ष करेंगे, बैंकों में जमा धन आम आदमी का है इसकी रक्षा के लिए सजग रहेंगे,बैंक कर्मियों की लंबित मांगों के निराकरण के लिए संघर्ष करेंगे।