भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना 19 अप्रैल से पुनः प्रारंभ की जा रही है। आदि गुरू शंकराचार्य द्वारा शुरू की गई तीर्थाटन संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया है। हम सभी को तीर्थ यात्रियों को प्रेम और आत्मीयता से तीर्थ यात्रा करानी है। यह बात संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के पुनः सुचारू संचालन के लिए बैठक में कहीं। मंत्री श्री ठाकुर ने सीहोर, रायसेन, विदिशा, सागर, टीकमगढ़ और दमोह जिले के कलेक्टर और प्रभारी अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से यात्रियों की आवेदन प्रक्रिया और स्टेशन तक यात्रियों को सुविधापूर्वक लाने के लिए निर्देशित किया।
मंत्री सुश्री ठाकुर ने कहा कि यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सभी नोडल अधिकारी पूर्व तैयारी सुनिश्चित करें। यात्रियों को कोई असुविधा का सामना न करना पड़े। मंत्री सुश्री ठाकुर ने निर्देशित किया कि सभी जिलों में यात्रा का व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए 7 अप्रैल तक आवेदन प्राप्त करें। आवेदनों की स्क्रूटनी करते समय विधानसभावार यात्रियों के समान प्रतिनिधित्व का ध्यान रखें। चयनित आवेदनों को 12 अप्रैल तक आईआरसीटीसी के संबंधित अधिकारी को प्रेषित करें, जिससे यात्रियों के आईडी कार्ड समय पर आईआरसीटीसी से जिलों को प्राप्त हो सके। आईडी कार्ड में यात्री का नाम, उम्र, कोच नंबर और सीट नंबर का स्पष्ट रूप से उल्लेख हो।
मंत्री सुश्री ठाकुर ने निर्देशित किया कि तीर्थ यात्रियों को यात्रा के संस्मरण के रूप में यात्रा समाप्ति पर स्मृति चिन्ह भेंट करें। रेल के डब्बे पर जिला के नाम के स्टिकर लगाए, जिससे यात्रियों को कोच ढूंढने में आसानी हो। ट्रेन में सेंट्रलाइज्ड साउंड सिस्टम की व्यवस्था रखें। ट्रेन में भजन मंडलियों को भी रखे। यह मंडलियाँ यात्रियों को सुबह-शाम प्रार्थना और दिन में भजन कर प्रभु से जोड़े रखेगी।
