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सरकारी सिस्टम की लापरवाही ने ली मासूम की जान.. जर्जर स्कूल भवन के गेट पर खेल रही मासूम पर बाउंड्रीवाल की दीवार गिरी बच्ची की मौत

रायसेन। एंकर-मप्र के रायसेन जिले में सांची ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम अंबाड़ी में गुरुवार सुबह एक पुराने स्कूल की बनी बाउंड्री वाल गेट सहित गिर जाने के कारण दीवार में दबकर एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। प्राइमरी स्कूल में पढऩे वाली आठ वर्षीय साक्षी जैन पिता ऋषभ जैन निवासी अंबाडी अन्य दो बच्चों प्रताप भानु और उर्मी के साथ गेट के पास खेल रही थी। तभी अचानक लोहे के बड़े गेट के साथ बाउंड्रीवाल गिर गई। साक्षी गेट में दब गई, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई जिसमे उसकी मोके पर ही मौत हो गई। जबकि दो अन्य बच्चे भी घायल हुए हैं। जिनका इलाज चल रहा है। साक्षी का प्राथमिक स्वास्थ केंद्र दीवानगंज में पोस्टमार्टम कर शव को परिजनो के सुपुर्द कर दिया गया।

मूक दर्शक बन देखते रहे शिक्षक और ग्रामीण

बताया जाता है कि साक्षी जैन एक घंटे तक गेट के नीचे दबी रही, जबकि पास में ही प्राइमरी स्कूल लग रहा था। स्कूल के शिक्षक और ग्रामीण वहीं पर खड़े बच्ची को देखते रहे। किसी ने भी बच्ची को गेट के नीचे से नहीं निकाला। जब किसी बच्चे ने साक्षी जैन के पिता ऋषभ जैन को सूचना दी तो पिता भागे भागे आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचे। तब जाकर बच्ची को गेट के नीचे से निकाला गया। तब तक काफी देर हो गई थी। उसे उठाकर तुरंत वाहन से अस्पताल के लिए निकले, लेकिन बालमपुर घाटी पर लंबा जाम होने के कारण आगे नहीं बढ़ पाए और साक्षी की वहीं मौत हो गई।

जर्जर भवन में चल रही थी आंगनबाड़ी

लगभग 50 साल पुराना स्कूल भवन जर्जर हो गया था, उसकी जगह बगल में दूसरा भवन बनया गया, जिसमें स्कूल लगता है, लेकिन पुराने जर्जर भवन में आंगनबाड़ी लगती है। जिसकी छत जगह जगह से क्षतिग्रस्त है। इसी भवन के सामने पुराना गेट लगा हुआ था। साक्षी और दोनो बच्चे वहीं खेल रहे थे।

बड़ा सवाल, स्कूल के समय बच्चे बाहर कैसे खेल रहे थे..

वीओ- इन दिनो स्कूल का समय सुबह सात बजे से है। घटना लगभग 10 बजे की है। स्कूल लगने के समय बच्चे बाहर कैसे पहुंचे, यह बड़ा सवाल है। जाहिर है इसमें स्कूल के शिक्षकों की बड़ी लापरवाही है। मृतिका के पिता ऋषभ जैन, कमल जाटव, गोलू साहू, आदि ने स्कूल प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बच्चों को सुबह 7 बजे स्कूल में बुला लिया जाता है, जबकि शिक्षक 9 बजे तक स्कूल पहुंचते हैं। बच्चे दो घंटे स्कूल में ही इधर-उधर घूमते फिरते हैं। शिक्षकों की जब मर्जी होती है, तब बच्चों को स्कूल से भगा देते हैं और लंच करने बैठ जाते हैं। बच्चों की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते हैं। मौके पर पहुंचे कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे, एसपी विकास कुमार शाहवाल से मृतिका के पिता ने कहा कि हमे कोई सहायता नहीं चाहिए, केवल शिक्षकों पर कार्रवाई चाहिए। उनकी लापरवाही के कारण ही बेटी की जान गई है। 

बाइट- ऋषभ जैन, मृतक बच्ची के पिता।

वीओ- कलेक्टर रायसेन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि इस प्रकार की घटना अब नहीं होगी। हम सभी स्कूलों में जांच कराएंगे कि अगर कोई भवन क्षतिग्रस्त है तो उसको सही कराएंगे। वही उन्होंने इस हादसे में प्रथम दृष्टया स्कूल के दो शिक्षकों को लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया हैं। वही उन्होंने कहा कि हम जिले भर में प्राथमिक स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवनों का भौतिक सत्यापन कराएंगे ताकि भविष्य में ऐसे हादसे सामने न आये।

                    बाइट- अरविंद दुबे, कलेक्टर रायसेन।

                     विजय सिंह राठौर, रायसेन