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यह संसार माया का घर है। जहां जिंदगी कुछ दिनों की है। इसलिए सत्संग में प्राप्त ज्ञान को संभालकर रखना चाहिए : राष्ट्रीय संत असंग देव महाराज

बेगमगंज। कटनी से लौटे राष्ट्रीय संत असंग देव महाराज जी का बेगमगंज में आगमन हुआ। असंग देव महाराज गांधी बाजार स्थित श्री सिद्ध शिवालय मंदिर पहुंचे जहां पर उन्होंने भोलेनाथ जी के दर्शन किए इस अवसर पर श्री सिद्ध शिवालय धाम के अध्यक्ष सुरेश ताम्रकार एवं नगर पालिका अध्यक्ष संदीप लोधी, पार्षद अजय जैन, ओमकार यादव, पिंटू जैन ने असंग देव महाराज जी का स्वागत कर आशीर्वाद लिया और उपस्थित श्रद्धालुओं से असंग देव ने अपने भक्तों को बताया की सत्संग को सुनो और समझो साथ ही मोहित होकर के सुनो क्योंकि सत्संग कौए को कोयल और बगुले को हंस बना देता हैं। इसी तरह मनुष्य को अच्छे विचारों को सुनकर उनका निर्वाह करते हुए बुराई को त्यागना चाहिए।

 असंग देव महाराज जी उज्जैन रवाना होते हुए एवं श्रद्धालुओं का

संतश्री ने कहा कि यह संसार माया का घर है। जहां जिंदगी कुछ दिनों की है। इसलिए सत्संग में प्राप्त ज्ञान को संभालकर रखना चाहिए। मनुष्य आत्म अवलोकन किए बिना एक दूसरे पर दोष मढ़ देता है। संतश्री ने जीवन को सुखमय तरीके से बिताने के लिए उपाय देते हुए कहा कि कलयुग के इस दौर में आदमी जीवनभर पद, प्रतिष्ठा पाने और पैसा कमाने की होड़ में लगा रहता है लेकिन सबसे बड़ा सच यह है कि एक खरबपति आदमी भी शांति चाहता है और एक गरीब मजदूर भी जीवन में शांति चाहता है। भौतिक जीवन में शांति की तलाश मृगतृष्णा के समान है। वास्तविक शांति और सुख तो अध्यात्म में ही है।

राष्ट्रीय संत असंग देव महाराज ने कहा कि समस्याएं तो मानव जीवन का पर्याय हैं। ये किसके जीवन में नहीं हैं। फिर इनसे डरना क्यों, संघर्ष करो और समस्याओं का डटकर मुकाबला करो। पीछे कदापि मत हटो। मनुष्य जीवन में यही तो परीक्षा की घड़ी है। मनुष्य हो तो जीवन जीने के रहस्य को जानो कि जीने के लिए ही हमारा जन्म हुआ है। सद्बुद्धि, कीर्ति, सज्जनता जैसे भौतिक सुखों को पाने का मुख्य उपाय मात्र सत्संग ही है। साधक की आध्यात्मिक यात्रा में 'सत्संग-साधना' का एक महत्त्वपूर्ण अंग है। विशेषकर आध्यात्मिक यात्रा के आरंभ में जब तक अध्यात्म हमारे जीवन का अविभाज्य अंग न बन जाए, एक अनुभवी साधक के लिए सत्संग ईश्वर एवं सह साधकों की सेवा करने का एक अवसर है। इसमें साधक अपने साधना संबंधी अनुभव बांटते हैं एवं अपनी व अन्यों की साधना को प्रोत्साहित करते हैं।

सत्संग के पश्चात श्री असंग देव महाराज ने पुराना बस स्टैंड पर स्थित दीपक साहू के घर पर विश्राम किया शुभ है ज्योति मैरिज गार्डन पहुंचकर श्रद्धालुओं से मिले और सत्संग किया इसके तत्पश्चात असंग देव महाराज उज्जैन आश्रम के लिए रवाना हो गए।