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बाढ़ पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

श्योपुर। चंबल-पार्वती नदी के श्योपुर के कई गांवों में बाढ़ से आई जिससे किसानों की घर ढह गए वहीं उनकी फसलें भी बर्बाद हो गई। इसलिए बाढ़ प्रभावित किसानों के नुकसान सर्वे कराकर मुवाजा दिया जाए साथ ही, किसानों के कृषिपंप के बिजली बिल को माफ किए जाए। ये मांग बाढ़ पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार संयज जैन को सौंपे गए ज्ञापन में की है। 

ज्ञापन में उल्लेखित है कि, चंबल-पार्वती नदी में बाढ़ के कारण 39 गांवों में सैकड़ों लोगो के कच्चे मकान ढह गए, उन्हें आवास स्वीकृत किए जाए और जिनके पक्के मकान क्षतिग्रस्त उन्हें मुआवजा दिया जाए। बाढ़ क्षेत्र में लगातार जलभराव खेतों में नदी द्वारा छोड़ी गई मिट्टी से धान सहित सभी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। क्षेत्रों में खेत को इकाई मानकर फसल सर्वेक्षण करते हुए बीस हजार प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। पिछले साल आई भयंकर बाढ़ व इस साल आई बाढ़ से क्षेत्र का किसान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। इस कारण किसानों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है। इसलिए संपूर्ण क्षेत्र के किसानों का बिजली विभाग द्वारा कृषि पंप कनेक्शन वाले बिजली बिल माफ किया जाए। बाढ़ की चपेट में आए गांवों लोगों का घरों में रखा अनाज पूरी तरह खराब हो चुका है उन्हें सरकार द्वारा 6 महीने का राशन, खाद्यान्न  मुफ्त दिया जाए। जिन किसानों के पशु मर गए या पानी में बह गए हैं उनकी गणना करके मुआवजा दिया जाए। किसानों के खेतों पर लगे ट्रांसफार्मर खराब हो गए व लाइट के खंभे झुक गए हैं उन्हें दुरुस्त किया जाए व ट्रांसफार्मर को बदला जाए। इस दौरान ज्ञापन देने वालों में किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंडला, हरिसिंह मीणा, विष्णु मीणा, रामेश्वर आसीदा, हनुमान मीणा, गणेश सहित बाढ़ पीड़ित किसान उपस्थित रही।