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मप्र में रिटायर हो जाएंगे बिना प्रमोशन 5 हजार से ज्यादा वनकर्मी

पुलिस की तर्ज पर कार्यवाहक पदोन्नति के आदेश जारी नहीं हो सके

करीब साढे पांच हजार वन कर्मचारियों को मिलेगा वन स्टेप प्रमोशन

विजय एस. गौर, भोपाल। बिना प्रमोशन साढेÞ पांच हजार से ज्यादा वन कर्मचारियों के सामने रिटायर होने की नौबत आ गई है, क्योंकि बीते दो साल में भी कार्यवाहक पदोन्नति वाली फाइल सतपुड़ा भवन स्थित वन मुख्यालय से होते हुए राज्य मंत्रालय तक ही पहुंच सकी है। दूसरी ओर, बीते पांच साल में लगभग 6 हजार वन कर्मचारी पदोन्नति की बाट जोहते-जोहते रिटायर हो चुके हैं। 

दरअसल पुलिस की तर्ज पर वन विभाग में भी प्रमोशन से वंचित कर्मचारियों को कार्यवाहक पदोन्नति  देने की प्रक्रिया नौ दिन चले अढ़ाई कोस वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है। इस बारे में करीब दो साल पहले प्रक्रिया शुरू की गई थी, तब विभागीय सेटअप के हिसाब से पदोन्नति वाले पदों की जानकारी एकत्रित की गई थी। साथ ही ऐसे कर्मचारियों की जानकारी भी पदवार इकट्ठा की गई, जोकि समयमान वेतनमान पा रहे हैं और उनको  कार्यवाहक पदोन्नति दिए जाने पर किसी भी प्रकार का वित्तीय भार नहीं आने वाला था। ऐसे करीब साढेÞ पांच हजार कर्मचारियों की सूची वन मुख्यालय में दो साल से ठंडे बस्ते में है।

साढे पांच हजार को मिलेगा फायदा 

बीते पांच साल में करीब 6 हजार वन कर्मचारी बिना प्रमोशन रिटायर हो चुके हैं। ऐसे में अगर कार्यवाहक पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होकर शुरूआत होती है तो करीब साढेÞ पांच हजार वन कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा। इनमें वनरक्षक से वनपाल के पद पर सर्वाधिक पदोन्नति होगी, जिसके बाद वनक्षेत्रपाल से सहायक वन सरंक्षक के पद पर करीब 40 रेंजरों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा। हालांकि वनपाल से उपवक्षेत्रपाल और वन क्षेत्रपाल के लिए तकनीकी कारणों से कार्यवाहक पदोन्नति में देरी होगी। 

मप्र वन कर्मचारी संघ ने सौंपा ज्ञापन

मप्र वन कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री आमोद तिवारी की अगुवाई में राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष पं. रमेश चंद्र शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें बेवजह पदोन्नति की फाइल लटकाने का विरोध करते हुए आदेश जारी करने की मांग की गई। तिवारी ने कहा कि वन मुख्यालय की प्रशासन शाखा में संबंधित कर्मचारियों की जानकारी सहित सारे नियम एवं प्रक्रिया फाइनल हो चुक्री है। बावजूद चंद अफसरों की काहिली की वजह से आदेश जारी नही हो रहे हैं। इस पर शर्मा ने प्रमुख सचिव वन अशोक वर्णवाल को पत्र लिखते हुए जल्द से जल्द पदोन्नति प्रक्रिया को चालू करने का कहा है। इसके 

प्रमुख सचिव को पत्र लिखा

कार्यवाहक पदोन्नति का प्रस्ताव सालभर से कतिपय कारणों से लंबित है। इस बारे में प्रमुख सचिव वन को उच्चतम पद का प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया को पूर्ण करके आदेश जारी करने के बारे में लिखा है। 

               रमेशचंद्र शर्मा, अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी कल्याण समिति

प्रपोजल भेजा गया 

वन स्टेप प्रमोशन का प्रपोजल शासन को भेजा जा चुका है। इस बारे में कुछ क्वेरी भी क्लियर की जा चुकी हैं। जल्द ही इस मुद्दे पर प्रमुख सचिव से चर्चा करके फाइनल करवाने की कोशिश होगी। 

               रमेश कुमार गुप्ता, प्रधान मुख्य वन सरंक्षक, मप्र