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मातृभाषा हिन्दी से प्रेम होना चाहिये : उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव

भोपाल। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि मातृभाषा हिन्दी से हमें प्रेम होना चाहिये। प्रदेश में मेडिकल और इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम अब हिन्दी भाषा में भी पढ़ाये जायेंगे। हम वर्तमान समय में अतीत की प्रेरणा से नये कीर्तिमान रच रहे हैं। यह राष्ट्रभाषा का सांस्कृतिक यज्ञ है, जिसे हिन्दी ग्रंथ अकादमी के स्वर्ण जयन्ती के सम्राट विक्रमादित्य के नगर में किया गया है। हिन्दी ग्रंथ अकादमी को चिकित्सा, यांत्रिकी तथा प्रबंधन की पाठ्यक्रम पुस्तकें प्रथमत: प्रकाशित करने का गौरव प्राप्त हो रहा है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को उज्जैन में विक्रम कीर्ति मन्दिर में मप्र हिन्दी ग्रंथ अकादमी भोपाल एवं विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में स्वर्ण जयन्ती समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उज्जयिनी कालगणना की नगरी है। हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है। विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पाण्डेय ने प्रतियोगिता में विजेता छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि वे हिन्दी का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। हिन्दी का महत्व अधिक है। बहुभाषाएँ भी विक्रम विश्वविद्यालय में छात्रों को सीखाई जा रही है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विक्रम विश्वविद्यालय में नये-नये पाठ्यक्रमों को प्रारम्भ किया है। प्रधानमंत्री के 11 अक्टूबर को उज्जैन में "महाकाल लोक" के लोकार्पण के पूर्व एक सप्ताह विक्रम विश्वविद्यालय के द्वारा शिव के विविध प्रकार के कार्यक्रम होंगे। शिव मन्दिरों में पूजा-पाठ होगी। इसका ऑनलाइन कार्यक्रम भी होगा।

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