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जांच में ग्रामीणों के आरोप निकले गलत शिकायतकर्ता पात्र ही नहीं है गरीबी रेखा के

बेगमगंज। ग्राम पंचायत पडरिया राजाधार के ग्राम सकरदा निवासी दो दर्जन से अधिक ग्रामीण गरीबी रेखा की सूची में नाम जुड़वाने एवं प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे जहां पर उन्होंने मीडिया को बताया कि कोई अधिकारी नहीं मिला और  योजनाओं के लाभ से वंचित हैं अधिकारियों ने फौरन मामले को संज्ञान में लिया और हल्का पटवारी, जनपद पंचायत से बीसी आवास एवं ग्राम रोजगार सहायक के साथ जब शिकायत कर्ताओं की जांच करने पहुंचे तो मामला उल्टा नजर आया शिकायत कर्ताओं के पास कृषि भूमि भी पाई गई वही उसमें से कई लोगों के आवास स्वीकृत हो चुके हैं और शासन की कई योजनाओं का लाभ उन्हें मिलना  पाया गया।  

ग्राम सकरदा निवासी

फोटो पंचनामा

देवेन्द्र यादव, श्यामलाल, सैतान सिंह,  गोलू यादव, संदीप, मिहीलाल, , विमलेश यादव, कमलेश, , सुरेन्द्र सिंह, ऋषिराज, नारायण सिंह रामचरण और जितेंद्र  आदि के बारे में जानकारी एकत्रित की गई तो पता चला कि पूर्व में इन्होंने गरीबी रेखा के लिए आवेदन किए थे जो जांच में पात्र नहीं होने पर निरस्त कर दिए गए क्योंकि इन सभी के पास कृषि भूमि वगैरह होना पाया गया  जब अधिकारियों ने 19 जनवरी को तहसील कार्यालय पहुंचने और शिकायत करने की बात पर जवाब तलब किया तो शिकायतकर्ता बगले झांकने लगे उक्त जांच अधिकारियों ने ग्राम वासियों के समक्ष पंचनामा तैयार किया और शिकायतकर्ता को बताया कि आपके आवेदन पूर्व में भी इस कारण से निरस्त हुए हैं आप उस क्राइटेरिया में नहीं आते कि आपका नाम गरीबी रेखा में जोड़ा जाए। पंच नाम है पर शिकायत करता हूं के भी दस्तखत कराए गए हैं

वही शिकायत कर्ताओं में से कुछ के प्रधानमंत्री आवास भी स्वीकृत पाए गए और कुछ आवेदन कर्ताओं के पहले से ही पक्के मकान बने मिले। वही शिकायत कर्ताओं  के पास 3 एकड़ से लेकर साढ़े नो एकड़ तक जमीन होना पाया गया है। इस संबंध में ग्राम राजाधार आधार पड़रिया पंचायत के सरपंच निहाल सिंह लोधी का कहना है कि शिकायत कर्ताओं के पास ढाई एकड़ से ऊपर भूमि हैं जिससे वे गरीबी रेखा में आने के पात्र नहीं हैं शिकायत राजनीतिक द्वेष के कारण कराई गई थी जांच में शिकायत निराधार पाई गई।