
भवानीमंडी उपखंड के ग्राम पंचायत करावन के किसान लाल सिंह पिता शिव सिंह लंबे समय से खेती कर रहे थे। वे पहले बिना मिट्टी की जांच कराए ही फसलों में खाद व उर्वरकों का उपयोग करते थे। इसके कारण न तो उर्वरकों का संतुलित प्रयोग हो पाता था और न ही अपेक्षित उत्पादन मिल पाता था। लागत बढ़ती जा रही थी, लेकिन पैदावार उस अनुपात में नहीं बढ़ रही थी।
किसान को ग्राम उत्थान शिविर से मिली नई दिशा
ग्राम पंचायत करावन में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर लाल सिंह के लिए बदलाव का माध्यम बना। शिविर के दौरान कृषि विभाग द्वारा उन्हें प्राकृतिक खेती मिशन योजना के अंतर्गत उनके खेत की मिट्टी की जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया गया। साथ ही, मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की कमी और आवश्यकता के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरक प्रयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। शिविर में मिली इस वैज्ञानिक जानकारी से लाल सिंह को पहली बार यह स्पष्ट रूप से समझ में आया कि लागत के अनुसार उन्हें उत्पादन कम क्यों मिल रहा था।
अब वैज्ञानिक तरीके से खेती का संकल्प
लाल सिंह बताते हैं कि अब वे अपने खेत में मृदा जांच उपरांत मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करेंगे। इससे न केवल फसलों की सेहत में सुधार होगा, बल्कि अनावश्यक खर्च भी कम होगा और उत्पादन में बढ़ोतरी सुनिश्चित होगी। ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से दी जा रही सही जानकारी और योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी खेती और आय—दोनों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।