- आयोजन स्थल पर सूफियाना माहौल, इबादत और इंसानियत का संदेश गूंजता रहा

छिंदवाड़ा (फरहान खान)। हजरत भैय्याजी अताउल्लाह शाह र.अ. के 104वें सालाना उर्स मुबारक के अवसर पर शहर में आस्था, भाईचारे और सामाजिक सरोकारों का अद्भुत संगम देखने को मिला। तीन दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में जहां एक ओर अकीदतमंदों ने दरगाह पहुंचकर अमन, खुशहाली और तरक्की की दुआएं मांगीं, वहीं दूसरी ओर समाजसेवा से जुड़े कार्यक्रमों ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। भैय्याजी ग्राउंड में आयोजित उर्स में बड़ी संख्या में शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से जायरीन और श्रद्धालु पहुंचे। पूरे आयोजन स्थल पर सूफियाना माहौल, इबादत और इंसानियत का संदेश गूंजता रहा।

शनिवार को आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक परामर्श और नि:शुल्क दवाइयां वितरित कीं। शिविर में जरूरतमंद और दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, वॉकर, कान की मशीन एवं विकलांग स्टिक जैसे सहायक उपकरण वितरित किए गए। सहायक सामग्री पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई बुजुर्गों और दिव्यांगजनों ने उर्स कमेटी के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे मानव सेवा की मिसाल बताया।
उर्स के दौरान रात 9 बजे से शुरू हुए भव्य कव्वाली कार्यक्रम ने पूरे माहौल को सूफियाना रंग में रंग दिया। हिंदुस्तान के मशहूर कव्वाल इफ्तेखारी ब्रदर्स मुंबई और नाज़िल कादरी ने अपने शानदार कलाम पेश कर देर रात तक समां बांधे रखा। शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग कव्वाली सुनने पहुंचे और पूरी रात सूफियाना महफिल का आनंद लेते रहे।
रविवार सुबह 6 बजे आयोजित रंग महफिल में भी इफ्तेखारी ब्रदर्स ने अपनी शानदार प्रस्तुति से माहौल को रूहानी बना दिया। बड़ी संख्या में मौजूद श्रोताओं ने महफिल का भरपूर लुत्फ उठाया। इसके बाद कुल की फ़तेह के साथ तीन दिवसीय उर्स मुबारक का समापन हुआ।

तीन दिवसीय उर्स के दौरान प्रतिदिन लंगर का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने तबर्रुक हासिल किया। उर्स कमेटी की ओर से आने वाले जायरीन और श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, बैठने, रोशनी और सुरक्षा सहित विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। आयोजन स्थल पर साफ-सफाई और अनुशासन बनाए रखने के लिए स्वयंसेवक लगातार सेवाएं देते नजर आए।

उर्स कमेटी के सदर हाजी जमालुद्दीन (लाल साहब) ने बताया कि उर्स का उद्देश्य समाज में भाईचारा, मोहब्बत, इंसानियत और सेवा का संदेश फैलाना है। उन्होंने कहा कि सूफी संतों की शिक्षा हमेशा प्रेम, एकता और मानवता की राह दिखाती है और उसी संदेश को आगे बढ़ाने के लिए हर वर्ष सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने शहरवासियों, समाजसेवियों और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
