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भोपाल पुलिस की बड़ी कामयाबी: आधी रात को पुलिस ने धर-दबोचा ईरानी गैंग के मास्टर माइंड सरगना कुख्यात काला ईरानी को

  • मध्यप्रदेश सहित करीब आधा दर्जन राज्यों की पुलिस को थी तलाश
  • देशभर में नकली पुलिस या कस्टम बनकर करोड़ों की डकैती की गई
  • ज्वेलर्स को झांसा देकर डायमंड्स-जेवरात लेकर फुर्र होती है ईरानी गैंग
  • ड्रग तस्कर क्वीन मईमी का कांस्टेबल दामाद करता है मुखबिरी- सेटिंग

भोपाल।
अंतरराज्यीय ईरानी गैंग के सरगना कुख्यात काला ईरानी उर्फ नजफ अली को आधी रात में राजधानी पुलिस ने घेराबंदी करके धर-दबोचा है। इसके बाद कोर्ट में पेश करके आगे की पूछताछ के लिए 2 अगस्त तक पुलिस रिमांड भी लिया गया है। काला ईरानी के खिलाफ राजधानी भोपाल के ही थानों में 33 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि आधा दर्जन राज्यों की पुलिस को लंबे समय से तलाश थी।                                                                                                                                                                                                                                                       

काला ईरानी को पकड़ने के लिए निशातपुरा और छोला थाना सहित पुलिस कंट्रोल रुम के रिजर्व फोर्स ने आधी रात को कूच किया। पुलिस फोर्स ने पहले अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरा का रुख किया, लेकिन तभी इनपुट मिला कि काला ईरानी अभी मुरलीनगर वाले घर में है। तब पुलिस फोर्स ने काला ईरानी के घर पर दबिश दी, तब उसने भागने की कोशिश की। हालांकि फोर्स चौकस था और तत्काल ही पकड़कर रवाना हो गया। इससे पूर्व उसके तीन लड़कों ने बाधा ड़ालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद दो लड़के भाग निकले।

काला ईरानी के लड़के को भी डिटेन किया

पुलिस टीम ने जब काला ईरानी के घर पर दबिश दी, तो दो लड़के भाग निकले, लेकिन उसका एक लड़का गोलू पुलिस से भिड़ गया और कोशिश करने लगा कि काला ईरानी पीछे से भाग निकले। हालांकि पुलिस बल ने तत्काल उस पर काबू पा लिया। इसके खिलाफ पहले से ही मारपीट, जुआ-सट्टा आदि के आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इससे अब निशातपुरा थाने में पूछताछ हो रही है। ज्ञात हो पूर्व में गोलू के जरायम और तस्करी को लेकर मोहल्लेवालों ने विरोध करते हुए जमकर कुटाई कर दी थी।                                                                                                                                                                                                                                                               

लीक हो गई थी पुलिस रेड की खबर

सूत्रों के अनुसार पुलिस फोर्स के रवाना होने से पहले ही खबर लीक हो गई थी। ईरानी डेरा के ही सूत्रों के अनुसार रात में जैसे ही अमन कॉलोनी फोन पहुंचा कि पुलिस पहुंच रही है, तो भगदड़ मच गई। काला ईरानी गिरोह से जुडेÞ करीब तीन दर्जन क्रिमिनल अपने-अपने घरों से भाग निकले और गांधी नगर की ओर चले गए। कुछ ने बैरसिया रोड और विदिशा रोड की ओर रुख किया, तो कुछ भानपुर रेलवे ओवरब्रिज के पास ईरानियों के डेरे में पनाह ली। बावजूद काला ईरानी पकड़ा गया, क्योंकि फोन अमन कॉलोनी पहुंचा था और काला ईरानी की लोकेशन मुरलीनगर में होने से पुलिस ने वहीं दबिश दी। नतीजे में काला ईरानी पकड़ा गया।

गिरोहों के संचालन और सेफ्टी का लेता है कांट्रेक्ट

काला ईरानी मास्टर मांइड है, जोकि 40 से ज्यादा क्रिमिनल और गैंग्स का संचालन करता है। साथ ही लूट और डकैती के जेवर और डायमंड लेकर बिकवाता भी है। ईरानी गैंग्स की जमानत करवाने और जेलों में सुविधाएं मुहैया करवाता है। ईरानी गैंग नकली पुलिस या कंस्टम आॅफीसर बनकर बडेÞ-बडेÞ ज्वेलर्स के यहां छापा मारने की आड़ में ठगी और लूट करते हैं। गिरोह वारदात करने के लिए पहले लग्जरी गाड़ियों की चोरी करता है, फिर उन पर सवार होकर लूट, डकैती करके फरार हो जाता है। बाद में इन गाड़ियों के पुर्जे और पार्टस अलग-अलग करके बेच दिए जाते हैं।

पुलिस की नाक के नीचे से जमानत लेकर चला गया

काला ईरानी कितना शातिर है और उसकी कितनी पकड़ है, तो इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजधानी पुलिस की नाक के नीचे से जमानत लेकर फुर्र हो गया था। दरअसल 2026 की शुरुआत में ही पूर्व ईरानी गिरोह की धरपकड़ के लिए पुलिस ने घेराबंदी शुरु की तो काला ईरानी गायब हो गया था। इसके करीब ढ़ाई महीने बाद 17 फरवरी 2026 को काला ईरानी भोपाल जिला कोर्ट पहुंचा और दिनभर रहा, फिर जमानत मंजूर होने के बाद टहलते हुए आराम से निकल गया। तब हुई पुलिस की किरकिरी के बाद पुलिस ने काला ईरानी को दबोचने के लिए कई बाद दबिश दी, लेकिन हर बार अपने पुलिस वाले दामाद की मुखबिरी और सेटिंग की बदौलत बच निकलता था।

काला ईरानी की भांजी का पति है पुलिसवाला

काला ईरानी की ड्रग तस्कर बहन मईमी की बेटी ने बिना तलाक लिए ही एक पुलिस कांस्टेबल से दूसरी इंटरकास्ट मैरिज की है, जिससे एक बेटी भी हो चुकी है। यही पुलिस वाला दामाद पहले निशातपुरा थाने में था, अब क्राइम ब्रांच से होते हुए साइबर सेल में पोस्टिंग बताई जाती है। पुलिस के सीनियर आॅफीसर इस बात को मानते हैं कि काला ईरानी और उसके गुर्गों को बचाने के लिए सेटिंग यही पुलिस वाला दामाद करता है। यह पुलिस वाला पहले से शादीशुदा होने के बाद भी बिना तलाक लिए दूसरी महिला से शादी कर चुका है। बावजूद सेटिंग के बल पर राजधानी में ही पोस्टिंग के साथ ही सेफ बना हुआ है। इसी की मुखबिरी से काला और दूसरे ईरानी क्रिमिनल पुलिस रेड से बच जाते हैं।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                    

                                                                                                                                                                                                                                           मीडिया मैनेजमेंट पर लाखों रुपए फूंके गए

कुख्यात काला ईरानी और उसकी ड्रग तस्कर बहन मईमी पुलिस से बचने के लिए फोकस डायवर्ट करते रहते हैं, जिसमें पुलिस वाला दामाद मदद करता है। इसी के चलते ईरानी डेरा और ईरानी गिरोहों की खबरें घुमा-फिरा कर सोशल मीडिया पर फैलाई जाती है। इन खबरों में कभी भी काला ईरानी या तस्कर क्वीन मईमी का नाम नही होता है, बल्कि काला ईरानी के बेकसूर विरोधियों को टारगेट किया जाता है। इसी के चलते पूर्व में राजस्थान में 17 लाख की लूट हुई थी, जिसमें से करीब 3 लाख रुपए मीडिया मैनेज करने पर खर्च हुए थे। यह रकम ड्रग तस्कर मईमी के मार्फत उसके पुलिसवाले दामाद को मिले थे, जिसने मीडिया में बांटे थे।

काला ईरानी के बारे में दूसरे राज्यों की पुलिस को खबर की गई

ईरानी गिरोह के मास्टर मांइड काला ईरानी उर्फ नजफ अली की कई मामलों में लंबे समय से तलाश थी। इसी से रात में घेराबंदी करके उसके घर से पकड़ा गया है। साथ ही पुलिस को रोकने और उलझने पर उसके लड़के गोलू को भी पकड़ा गया है। इसके बाद अदालत में पेश करने पर 2 अगस्त तक पुलिस रिमांड मिला है, अब उससे पूछताछ होगी। इसके साथ ही महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों को सूचित कर दिया गया है, ताकि वहां की पुलिस भी छानबीन और पूछताछ करने के लिए आ सके। बाकी गिरोह की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस टीमें सक्रियता से जुटी हैं।

-आदर्शकांत शुक्ला, डीसीपी-जोन-4, पुलिस कमिश्नरेट भोपाल।