Type Here to Get Search Results !

“सरकार ने खरीदी इतनी ऑनलाइन कर दी है कि किसान लाइन में खड़ा-खड़ा ऑफलाइन हो रहा है”

  • अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने, गेहूं खरीदी व्यवस्था को अव्यवस्थित बनाने तथा किसानों को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया
  • गेहूं खरीदी में किसानों के साथ धोखा कर रही है भाजपा सरकार : कुणाल चौधरी

भोपाल ।  अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने आज भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने, गेहूं खरीदी व्यवस्था को अव्यवस्थित बनाने तथा किसानों को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया।



श्री चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार गेहूं खरीदी को लेकर झूठे दावे कर रही है। सरकार एक ओर 95 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का आंकड़ा पेश कर रही है, जबकि दूसरी ओर प्रदेश में अभी भी लगभग 160 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों के पास मौजूद है। इससे स्पष्ट है कि लाखों किसानों का गेहूं अब भी खरीदी केंद्रों तक नहीं पहुंच पाया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों से वादा किया था कि किसानों का “एक-एक दाना” गेहूं खरीदा जाएगा, लेकिन जमीनी स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। किसान लगातार स्लॉट बुकिंग के लिए परेशान हैं और प्रदेश के लगभग 50 प्रतिशत किसान अब भी स्लॉट मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

श्री चौधरी ने सरकार की ऑनलाइन खरीदी व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने पूरी व्यवस्था को इतना ऑनलाइन कर दिया है कि “किसान लाइन में खड़ा-खड़ा ऑफलाइन हो रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि खरीदी केंद्रों पर लगातार सर्वर डाउन होने की शिकायतें आ रही हैं, जिससे किसानों को घंटों धूप में खड़े रहना पड़ रहा है।



उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले गेहूं खरीदी की तारीख बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन वास्तविकता यह है कि 30 मई तक स्लॉट बुकिंग रखने के बजाय सरकार ने तारीख घटाकर 28 मई कर दी। यह किसानों के साथ खुला अन्याय और छलावा है।

कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव श्री कुणाल चौधरी ने कहा कि प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच किसान परेशान हैं। गांवों में लगातार बिजली कटौती हो रही है। रात के समय घंटों बिजली बंद रहने से ग्रामीण जनता और किसान दोनों त्रस्त हैं। एक तरफ सरकार लोगों को धूप में बाहर नहीं निकलने की एडवाइजरी जारी करती है, वहीं दूसरी तरफ किसान खरीदी केंद्रों पर घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों ने किसानों को दोहरी मार दी है। जब किसान अपनी सोयाबीन बेचने जाता है, तब उसे उचित मूल्य नहीं मिलता, लेकिन जब वही किसान बाजार से सोयाबीन खरीदने जाता है, तब कीमतें बढ़ा दी जाती हैं। यह सरकार की किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

श्री चौधरी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ईरान भारत को सस्ता तेल देने के लिए तैयार था, लेकिन केंद्र सरकार ने अमेरिका के दबाव में तेल खरीदना बंद कर दिया, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर पड़ा है।



उन्होंने कहा कि यदि सरकार 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का दावा भी कर रही है, तब भी यह किसानों पर कोई एहसान नहीं है। सरकार का दायित्व है कि वह किसानों की पूरी उपज खरीदे और उन्हें समय पर भुगतान दे। आज स्थिति यह है कि किसान परेशान, हताश और व्यवस्था से पीड़ित है।

श्री चौधरी ने मांग की कि प्रदेश सरकार तत्काल गेहूं खरीदी की अवधि बढ़ाए, सभी किसानों को तत्काल स्लॉट उपलब्ध कराए, सर्वर और ऑनलाइन व्यवस्था को सुचारू बनाए, खरीदी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए तथा किसानों की फसल का पूरा समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हक की लड़ाई लगातार सड़क से सदन तक लड़ती रहेगी और भाजपा सरकार के किसान विरोधी चेहरे को जनता के सामने उजागर करती रहेगी।