- डायल-112 की तत्परता से बची युवक की जान, लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने 55 किलोमीटर का सफर मात्र 40 मिनट में तय कर पहुँचाया अस्पताल
राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल में एक युवक का सहायता हेतु कॉल प्राप्त हुआ। कॉल करने वाले युवक ने बताया कि उसने जहरीला पदार्थ (सल्फास) खा लिया है। उसकी स्थिति इतनी गंभीर थी कि वह अपनी लोकेशन अथवा पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं दे पा रहा था। इसके बावजूद कंट्रोल रूम द्वारा तकनीकी माध्यम से कॉल की लोकेशन तत्काल ट्रेस कर सूचना थाना सिमरिया एवं हरदुआ चौकी पुलिस के साथ डायल-112 एफआरवी को उपलब्ध कराई गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना समय गंवाए बताए गए क्षेत्र में पहुँची और लोकेशन के आधार पर सघन तलाश शुरू की। पड़रिया मोड़ के समीप सागौन के एक पेड़ के नीचे एक युवक अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसके पास मोटरसाइकिल खड़ी थी तथा सल्फास की गोलियाँ बिखरी हुई थीं। उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी।
परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 के पायलट देवेंद्र कुशवाह एवं सैनिक विनोद द्विवेदी ने बिना किसी विलंब के युवक को डायल 112 वाहन में बैठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पवई के लिए रवाना किया। पुलिस टीम ने लगभग 55 किलोमीटर की दूरी मात्र 40 मिनट में तय करते हुए युवक को समय पर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने तत्काल उपचार प्रारंभ किया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल कटनी रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुँच जाने के कारण उसकी जान बचाई जा सकी ।
यह घटना मध्यप्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, तकनीकी दक्षता एवं मानवीय दृष्टिकोण का उत्कृष्ट उदाहरण है। संकट की घड़ी में समय पर मिली पुलिस सहायता ने एक अमूल्य जीवन को बचाने का कार्य किया है।
मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, सहायता एवं जीवन रक्षा के अपने संकल्प के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है। डायल-112 सेवा प्रदेशवासियों के लिए चौबीसों घंटे तत्पर रहते हुए हर आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध करा रही है और जनविश्वास को निरंतर सुदृढ़ कर रही है।