ज्ञातव्य हो कि सरकार अपनी निजीकरण नीति के अंतर्गत आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। भारत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम मिलकर आईडीबीआई बैंक के 94% शेयरों पर अपना नियंत्रण रखते हैं।
यूनाइटेड फोरम नगर के संयोजक रजनीश गुप्ता ने कहा कि यह केवल निजीकरण का मामला नहीं है। बल्कि विदेशीकरण का भी मामला है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बैंक की 60% हिस्सेदारी कनाडा की निवेशक कंपनी फेयर फैक्स को बेचने का निर्णय लिया है। जबकि आज बैंक में कुल सार्वजनिक जमा राशि लगभग 3 लाख 50 हज़ार करोड रुपए है। बैंक ने पिछले तीन वर्षों में क्रमशः 5600 करोड रुपए, 7500 करोड रुपए और 9500 करोड़ का शुभ लाभ अर्जित किया है।

