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डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म : इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में कॉन्सिर्ज सेल्स, ऑपरेशंस और कस्टमर सपोर्ट में भर्ती

  • डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म ने 2025 में इंदौर में सात कर्मचारियों के साथ शुरुआत की थी। अब यहां लगभग 600 कर्मचारी हैं और अगले 12-18 महीनों में यह संख्या 1,000 तक पहुंचाने की योजना है।
  • इंदौर केंद्र MediBuddy की 65% इनबाउंड कस्टमर सपोर्ट कॉल और 55% सपोर्ट ईमेल संभालता है, जिससे कंपनी के 24×7 सर्विस डिलीवरी नेटवर्क को मजबूती मिलती है।
  • कंपनी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कॉन्सिर्ज सेल्स, ऑपरेशंस और कस्टमर सपोर्ट में भर्ती कर रही है।
इंदौर, 13 अक्टूबर, 2026: भारत के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म मेडीबडी ने इंदौर में अपने ऑपरेशन का विस्तार करने की योजना बनाई है। कंपनी अगले 12-18 महीनों के दौरान इंदौर सेंटर में कर्मचारियों की संख्या मौजूदा करीब 600 से बढ़ाकर 1,000 करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। मेडीबडी देशभर में 3.7 करोड़ से अधिक लोगों को सर्विस देती है और 1,200 से अधिक कॉरपोरेट्स के साथ काम करती है।    
                                         

2025 के मध्य में मध्य भारत में ऑपरेशन सेंटर के रूप में शुरू हुई इस फैसिलिटी में अब कस्टमर सपोर्ट, ऑपरेशंस, कॉन्सिर्ज सेल्स, इंजीनियरिंग, आईटी और प्रशासन से जुड़ी टीमें काम करती हैं। यह केंद्र मेडीबडी के देशव्यापी हेल्थकेयर नेटवर्क में सर्विसेज के को-ऑर्डिनेशन और ग्राहकों को सहायता मुहैया करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।                                                                                                                                                                                                     इंदौर सेंटर मेडीबडी की कुल इनबाउंड कस्टमर सपोर्ट कॉल का 65% और सपोर्ट ईमेल का 55% संभालता है। प्रस्तावित विस्तार के तहत कंपनी कॉन्सिर्ज सेल्स, ऑपरेशंस और कस्टमर सपोर्ट में नए कर्मचारियों की भर्तियां बढ़ाई जाएगी। इससे इंदौर और आसपास के इलाकों के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है, जब MediBuddy अपने विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025–26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में पहली बार EBITDA-पॉजिटिव तिमाही दर्ज की। इस दौरान कंपनी का वार्षिक राजस्व रन रेट ₹1,500 करोड़ से अधिक रहा। तिमाही में ऑनलाइन कंसल्टेशन में साल-दर-साल 90% से अधिक की वृद्धि हुई, जो देशभर में डिजिटल माध्यमों से स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त करने की बढ़ती मांग को दर्शाती है।                                                                                                                                                                
मेडीबडी का इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर इकोसिस्टम कंसल्टेशन, दवा की डिलीवरी, घर पर डा यग्नोस्टिक्स, फिटनेस व कंडीशन मैनेजमेंट प्रोग्राम और सर्जरी केयर तक फैला हुआ है। यह प्लेटफॉर्म एक दिन में 100,000 से ज्यादा हेल्थकेयर ट्रांजैक्शन संभालता है, जो भारत की किसी भी सिंगल हॉस्पिटल चेन की रोजाना कंज्यूमर कवरेज से अधिक है और 189 शहरों में फैले सर्जरी केयर नेटवर्क में मरीजों की मदद करता है। अलग-अलग जगहों पर बढ़ते यूजर बेस और हेल्थकेयर पार्टनर नेटवर्क के साथ, इंदौर सेंटर पूरे भारत में कई क्लाइंट्स और कंज्यूमर्स के लिए कोऑर्डिनेशन, फॉलो-अप और सर्विस डिलीवरी के लिए इसके ऑपरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का एक अहम हिस्सा बन गया है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हो रही है जब ‘ग्रैंड व्यू रिसर्च' के अनुसार, भारत का डिजिटल हेल्थ मार्केट 2024 में 14.5 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2033 तक 106.97 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह बाजार 2025 से 2033 तक 25.12% की सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा।                                  
मेडीबडी का इंदौर सेंटर कस्टमर इंटरैक्शन, कॉन्सिर्ज सपोर्ट और सेल्स, रिपोर्ट प्रोसेसिंग, क्वालिटी चेक और खास इलाकों के क्लाइंट्स और कंज्यूमर्स के साथ तालमेल बिठाने में मदद करता है। यह टीम मेडीबडी के 65% इनबाउंड कस्टमर सपोर्ट कॉल और 55% कस्टमर सपोर्ट ईमेल संभालती है, साथ ही पूरे भारत में यूजर्स के लिए सर्विस कोऑर्डिनेशन का एक बड़ा हिस्सा भी देखती है। यह ऑफिस मुख्य इलाकों में कस्टमर्स को तेजी और भरोसे के साथ सर्विस देने के लिए एक सेंट्रल सुविधा के तौर पर काम करता है।                                                       
मेडीबडी की चीफ पीपल ऑफिसर, सीमा विजय सिंह ने कहा, "इंदौर तेजी से मेडीबडी के लिए एक स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस और टैलेंट हब बन गया है, जो कस्टमर सपोर्ट, कॉन्सिर्ज सेल्स, ऑपरेशन्स और टेक्नोलॉजी जैसे अहम कामों में मदद करता है। हम लोकल टैलेंट की क्वालिटी और महत्वाकांक्षा से उत्साहित हैं, खास तौर पर उन युवा प्रोफेशनल्स से जो घर के पास सार्थक और तेजी से बढ़ने वाली भूमिकाओं की तलाश में हैं। जैसे-जैसे मेडीबडी का विस्तार हो रहा है, इंदौर हमारे 24×7 सर्विस डिलीवरी नेटवर्क और उभरते हुए हेल्थ-टेक टैलेंट के लिए करियर के व्यवस्थित रास्ते बनाने में और भी अहम भूमिका निभाएगा।’                                                                                          
कंपनी कस्टमर असिस्टेंस, ऑपरेशंस और कस्टमर सपोर्ट जैसी भूमिकाओं के लिए भर्तियां कर रही है और इंग्लिश व हिंदी में माहिर फ्रेशर्स और युवा प्रोफेशनल्स से एप्लीकेशन मंगवा रही है। कॉन्सिर्ज सेल्स रोल के लिए फ्रेश एमबीए या मास्टर डिग्री वाले कैंडिडेट्स, साथ ही सेल्स में दो से तीन साल तक के अनुभव वाले कैंडिडेट्स (सेल्स अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी) अप्लाई कर सकते हैं। ऑपरेशंस और कस्टमर सपोर्ट रोल के लिए कॉलेज ग्रेजुएट्स और युवा प्रोफेशनल्स अप्लाई कर सकते हैं जो टेक-बेस्ड हेल्थकेयर माहौल में स्किल्स बनाना चाहते हैं।
मेडीबडी में केयरबडी रोल में कस्टमर्स को उनकी हेल्थकेयर यात्रा के अहम पड़ावों पर मदद करना शामिल है। इस रोल में कस्टमर इंटरैक्शन, केस कोऑर्डिनेशन और इंटरनल टीम के साथ मिलकर काम करना शामिल है, ताकि देखभाल का अनुभव बेहतर हो सके।                                                                                                               
मेडीबडी टेक्निकल नॉलेज, ह्यूमन एनाटॉमी, सॉफ्ट स्किल्स और सेल्स जैसे क्षेत्रों में रोल-स्पेसिफिक ट्रेनिंग के साथ-साथ ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और कस्टमर सपोर्ट सर्टिफिकेशन भी देता है। कर्मचारियों को पेड ट्रेनिंग, परफॉर्मेंस-बेस्ड इंसेंटिव, हेल्थ इंश्योरेंस, खाने-पीने की सुविधा, पेड लीव, साप्ताहिक छुट्टी और रेफरल इंसेंटिव जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। जैसे-जैसे कर्मचारी आगे बढ़ते हैं, मेडीबडी पहली बार मैनेजर बनने वालों के लिए मैनेजमेंट प्रोग्राम और शुरुआती ग्रोथ के मौके देता है; इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के लिए ‘सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट' की भूमिकाएं भी शामिल हैं।                                                                                                                                       
यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है, जब मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, एमएसएमई, हेल्थकेयर, आईटी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर से जुड़ी नीतियों के जरिए इन्वेस्टमेंट और रोजगार के केंद्र के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। इंदौर में मेडीबडी का लगातार विस्तार यह दिखाता है कि पारंपरिक बड़े शहरों के अलावा यह शहर टैलेंट और ऑपरेशंस के हब के तौर पर उभर रहा है। साथ ही, यह पूरे भारत में डिजिटल हेल्थकेयर सर्विसेज तक पहुंच बढ़ाने की कंपनी की बड़ी कोशिशों में भी मदद करता है।

मेडीबडी के बारे में

मेडीबडी भारत की सबसे बड़ी डिजिटल हेल्थकेयर कंपनी है। यह देश भर में 3.7 करोड़ से ज्यादा लोगों और 1,200 से अधिक कॉरपोरेट कंपनियों को सेवाएं देती है। बेंगलुरु में हेडक्वार्टर वाली मेडीबडी 189 शहरों में 16 भाषाओं और 22 स्पेशलिटीज में 24x7 डॉक्टर से सलाह, दवा की डिलीवरी, घर पर डायग्नोस्टिक्स, मेंटल हेल्थ सपोर्ट और सर्जरी केयर जैसी सेवाएं देती है। 2013 में आईआईटी मद्रास के दो पूर्व छात्रों सतीश कन्नन और एनबसेकर दिनदयालने ने इस कंपनी की स्थापना की थी। अब तक यह ₹1,100 करोड़ की फंडिंग जुटा चुकी है। इसके इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर इकोसिस्टम को 1,40,000 से ज्यादा डॉक्टरों, 11,000 से अधिक अस्पतालों और क्लीनिकों, 7,700 से ज्यादा डायग्नोस्टिक सेंटरों और 10,000 से अधिक फार्मेसियों के नेटवर्क का सपोर्ट मिलता है। रोजाना 1,00,000 से ज्यादा हेल्थकेयर ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने वाली मेडीबडी का मकसद पूरे भारत में लोगों के लिए अच्छी क्वालिटी की हेल्थकेयर सेवाएं ज्यादा आसान, सुविधाजनक और भरोसेमंद बनाना है।