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गुलाब के पौधों की काट-छांट पर निःशुल्क कार्यशाला सम्पन्न

भोपाल, 18 अक्टूबर। मध्यप्रदेश रोज सोसायटी एवं संचालनालय उद्यानिकी द्वारा गुलाब के पौधों की काट-छांट पर दो निःशुल्क कार्यशालाओं का आयोजन आज किया गया। पहली कार्यशाला प्रातः 9:00 बजे नेहरू गुलाब उद्यान, बरखेड़ा में एवं दूसरी कार्यशाला प्रातः 11:00 बजे शासकीय गुलाब उद्यान, लिंक रोड नम्बर-1, भोपाल में आयोजित की गई। कार्यशाला में गुलाब विशेषज्ञों द्वारा उपस्थित बागवानी प्रेमियों को गुलाब की वैज्ञानिक विधि से काट-छांट, संतुलित खाद प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा अधिक फूल प्राप्त करने की तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।


 गुलाब विशेषज्ञ सर्वश्री एस. सुधाकर एवं एस. एस. गदे जो कि अपनी विशेषज्ञताओं के लिए भारतीय रोज फेडरेशन द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित हैं ने प्रूनिंग के सही समय, औजारों के उपयोग और कटाई के बाद देखभाल पर विशेष जोर दिया। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे सवाल-जवाब कर अपनी शंकाओं का समाधान भी किया। कार्यशाला में श्री शैलेष अग्रवाल द्वारा गुलाब के पौधे की काटछांट एवं गमलों को कैसे बदलना है इसका प्रत्यक्ष (Practical) करके महत्वपूर्ण जानकारी दी। बड़ी संख्या में घरों में गुलाब उगाने वाले शौकीनों, नर्सरी संचालकों एवं बागवानी प्रेमियों ने भाग लिया। रोज सोसायटी द्वारा वर्ष 2028 में दिनांक 07 से 13 जनवरी तक आयोजित किए जाने वाले वर्ल्ड रोज कन्वेंशन के बारे में भी जानकारी से लोगों को अवगत कराया गया। यह कन्वेंशन, भारत में पहली बार हो रहा है। इसमें विश्व के 40 देशों से लगभग 400 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने के सम्भावना है।


इस अवसर पर सोसायटी द्वारा जानकारी दी गई कि इस वर्ष गुलदाउदी प्रदर्शनी 28 एवं 29 नवम्बर 2026 को तथा 46 वीं अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी 08 जनवरी 2027 से शासकीय गुलाब उद्यान, लिंक रोड नम्बर एक, भोपाल में आयोजित की जाएगी।

विषेशज्ञों ने बताया कि भोपाल की जलवायु के हिसाब से गुलाब की कटाई-छंटाई का सबसे उचित समय 10 अक्टूबर से 30 अक्टूबर है।

भोपाल में ठंड नवम्बर से शुरू होती है, इसलिए अक्टूबर में प्रूनिंग करने से पौधे को 45-50 दिन का समय मिल जाता है और जनवरी में होने वाली अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी तक भरपूर फूल आ जाते हैं।


प्रूनिंग के तुरंत बाद क्या करना है?

1. फफूंद नाशक का लेप: सभी कटे हुए हिस्सों पर Copper Fungicide / Blitox का पेस्ट या Fevicol लगा दें।

कटाई के बाद पौधा घाव में होता है, इसलिए 2-3 दिन तक कोई खाद न दें।

2-3 दिन बाद यह क्रम अपनाएं:

2. गुड़ाई और खाद: पौधे के चारों तरफ 8-10 इंच गहराई में गुड़ाई करें।

- प्रति पौधा: 2 - 3 किलो सड़ी गोबर की खाद + 100 ग्राम हड्डी चूरा (Bone Meal) + 50 ग्राम नीम खली + 30 ग्राम सुपर फास्फेट

3. पहला पानी: खाद देने के बाद भरपूर पानी दें।

4. 7 दिन बाद: 10 दिन के अंतर से NPK 12:61:00 का (दो ML प्रति लीटर पानी में मिलाकर) स्प्रे करें, जिससे नई कोंपलें तेजी से फूटेंगी।

अगले 3 माह का कैलेंडर - भोपाल के लिए

नवम्बर (कोंपल और कलियों का महीना)

- पानी: रोज सुबह हल्का पानी, गमले में हो तो शाम को भी हल्का छिड़काव।

- खाद: 15 नवम्बर के आसपास 10 ग्राम DAP + 10 ग्राम पोटाश प्रति पौधा।

- कीट नियंत्रण: नई कोमल पत्तियों पर माहू (Aphid) रोकने के लिए। Rogor / Imidacloprid का स्प्रे हर 10 दिन में।

- NOTE: अनचाही जंगली शाखाएँ (sucker) जो कलम के नीचे से निकले, तुरंत हटा दें।


दिसम्बर (कलियाँ और फूल का महीना)

- पानी: ठंड में 3 दिन में एक बार, लेकिन भरपूर।

- खाद: 10 दिसम्बर तक 5 ग्राम यूरिया + 10 ग्राम पोटाश दें। फूल बड़े होंगे।

- स्प्रे: फूलों की गुणवत्ता के लिए 0:52:34 का एक स्प्रे।

- NOTE: एक डाली पर एक ही बड़ा फूल चाहिए तो साइड की छोटी कलियाँ (Disbudding) तोड़ दें।


जनवरी (प्रदर्शनी और फूलों का पीक सीजन)

- पानी: नियमित रखें। फूल खिलने पर पानी पत्तियों पर न डालें।

- खाद: जनवरी में कोई तेज खाद न दें, नहीं तो फूल जल्दी झड़ेंगे। केवल लिक्विड खाद - सरसों खली का पानी 15 दिन में एक बार।

- स्प्रे: पाउडरी मिल्ड्यू से बचाव के लिए Sulphur का स्प्रे।

- काम: खिले हुए फूलों को 2-3 पत्तियों के साथ काटते रहें, इससे नया फूल आता रहेगा। यही समय प्रदर्शनी के लिए फूल काटने का है।