- मांगे पूरी होने पर हुई लिखित सहमति पर आंदोलन स्थगित होने की घोषणा के बाद भी राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों से भोपाल पहुंचे सैकड़ों कर्मचारी
भोपाल। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के कर्मचारियों की मांगों पर गुरुवार को सहमति बनने और उसकी घोषणा हो जाने के बाद भी हजारों कर्मचारी शुक्रवार को भोपाल आ पहुंचे। दरअसल मांगें लंबे समय से लंबित होने से कर्मचारियो में नाराजगी बढ़ती जा रही थी, जिससे पीएचई मुख्यालय जलभवन के घेराव का आव्हान होने पर कर्मचारी विभिन्न जिलों से भोपाल की ओर कूच कर गए। हालाकि इसी बीच मांगों के समाधान की घाेषणा हो गई। इसकी जानकारी प्रदेशभर के कर्मचारियों को समुचित तरीके से नहीं पहुंच सकी, जिससे कर्मचारियों ने पीएचई मुख्यालय घेराव के लिए भोपाल कूच कर दिया।
राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ के आवाहन पर आंदोलन स्थगित की घोषणा के बाद भी तय समय अनुसार आंदोलन में भाग लेने इंदौर, बालाघाट, खरगोन, सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, ग्वालियर, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, मंडला आदि जिलों से से भोपाल पहुंच गए।
संगठन प्रमुख श्री शील प्रताप सिंह पुंडीर संरक्षक व्यास मुनि चौबे प्रदेशाध्यक्ष, डॉ देवीसिंह सनोडिया उपप्रांताध्यक्ष,सचिव सुग्रीव सिंह, भगवान सिंह ठाकुर जिला भोपाल के अध्यक्ष प्रणव खरे की उपस्थिति में संगठन प्रदेश कार्यालय पर सभी पदाधिकारियों को आगामी 15 अक्टूबर 26 को 1 बजे राज्यमंत्रालय भोपाल पर 10 सूत्रीय मांगों के समर्थन में प्रस्तावित आंदोलन की तैयारियों की योजना साथ कार्यक्रम को सफल बनाने सहित कर्मचारी हितेषी लक्ष्यों को लेकर दिनभर बैठकों का दौर चला।
संगठन द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग के प्रस्तावित आंदोलन के मांगपत्र पर सरकार से मांगों पर सहमति व चर्चा को सार्थक बताते हुए तृतीय व चतुर्थ श्रेणी गरीब शोषित विभाग के वर्षों से सताये कर्मचारियों के विधि अधिकारों की जीत करार दिया है।