Type Here to Get Search Results !

सत्य सनातन यात्रा पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा करेंगे साधु-संत, अनुमति मिलने के बाद संतों का धरना खत्म

  • महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा ने कहा कि हम पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत पर हेलिकॉप्टर से  करना चाहते हैं पुष्पवर्षा
उज्जैन। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के शुभारंभ पर अब हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी। संत समाज की ओर से इसकी व्यवस्था की गई थी, लेकिन प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण साधु-संत नाराज होकर उज्जैन कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए थे। बाद में अनुमति मिलने के बाद संतों ने धरना समाप्त कर दिया।


महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा ने कहा कि हम पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा करना चाहते हैं। लेकिन जिला प्रशासन न तो इसकी अनुमति दे रहा था और न ही इस मनाही का कारण बताया। सरकार की मनमानी से क्षुब्ध होकर संत समाज को मजबूरन धरने पर बैठना पड़ा।
बड़ी संख्या में साधु-संतों के धरना पर बैठने की सूचना मिलते ही एसडीएम पवन बारिया मौके पर पहुंचे और उन्होंने साधु-संतों से बात की। फिर उन्हें कलेक्ट्रेट लेकर पहुंचे और चर्चा के बाद यात्रा पर फूल बरसाने की अनुमति दे दी गई। कलेक्टर कार्यालय के आदेश के मुताबिक पुष्पवर्षा वाले हेलीकॉप्टर को उज्जैन में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली है। हेलीकॉप्टर इंदौर से पुष्प लेकर एयर ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए यात्रा प्रारंभ स्थल पर पहुंचेगा और पुष्पवर्षा कि जाएगी।


दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन स्थित बाबा महाकाल की नगरी से शुरू होगी। यात्रा अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर तक जाएगी। यात्रा के शुभारंभ से पहले ही बड़ी संख्या में साधु-संत उज्जैन पहुंचने लगे हैं। महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा की अगुवाई में संत समाज यात्रा की तैयारियों में जुटा है।

यात्रा को लेकर पहले ही ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती समर्थन और आशीर्वाद दे चुके हैं। अग्निपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि श्रीमद् रामकृष्णानंद जी महाराज ने भी यात्रा का समर्थन किया है।


दिग्विजय सिंह की इस यात्रा के जरिए मंदिरों में चढ़ावे और धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन में पारदर्शिता, कथित चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दों पर जवाबदेही की मांग उठाई जाएगी। आयोजकों के मुताबिक, यह यात्रा सत्य, न्याय, सदाचार और धार्मिक स्थलों की पवित्रता के प्रति जनजागरण का अभियान है।