Type Here to Get Search Results !

एयरटेल बिज़नेस ने लॉन्च किया आईक्यू गेटवे (IQ Gateway)

  • सुरक्षित एंटरप्राइज़ मैसेजिंग के लिए टेलीकॉम-ग्रेड नेटवर्क इंटेलिजेंस वाला भारत का पहला बिज़नेस कम्युनिकेशन प्लेटफ़ॉर्म

 

  • डीपीडीपी-अनुपालक यह एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म एयरटेल के अग्रणी फ़्रॉड प्रोटेक्शन समाधानों को नेटवर्क संबंधी जानकारी के साथ जोड़ता है, जिससे ग्राहकों के साथ होने वाली हर बातचीत अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनती है।
  • यह प्लेटफॉर्म एंटरप्राइज़ को कई सर्विस प्रोवाइडर्स और कस्टमर कम्युनिकेशन्स चेंनलों, जैसे, एसएमएस, व्हाट्सऐप, आरसीएस और बिज़नेस वॉइस, को एक ही स्वदेशी कंट्रोल प्लेटफॉर्म पर मैंनेज करने में सक्षम बनाता है l
  • एंटरप्राइज़ अब अपने ग्राहक संचार माध्यमों को आसानी से बेहतर बना सकते हैं, जिनमें वैकल्पिक माध्यम भी शामिल हैं। साथ ही, पहचान का सत्यापन आसान बनाया जा सकता है और कृत्रिम रूप से बढ़ाए गए ट्रैफ़िक के कारण होने वाली अतिरिक्त लागत को भी नियंत्रित किया जा सकता है।


नई दिल्ली (भारत), 5 अक्टूबर 2026: सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्टिविटी, तकनीक और संचार समाधान उपलब्ध कराने वाली भारत की अग्रणी कंपनी एयरटेल बिज़नेस ने आज एयरटेल आईक्यू गेटवे (Airtel IQ Gateway) लॉन्च किया। यह भारत का पहला टेलीकॉम-स्तरीय नेटवर्क इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है, जो ग्राहकों से संवाद के विभिन्न माध्यमों को एक सुरक्षित नियंत्रण प्लेटफ़ॉर्म पर एक साथ लाता है।

 

अब एयरटेल आईक्यू गेटवे का विकल्प चुनने वाले एंटरप्राइज़ को अलग-अलग सेवा प्रदाताओं का अलग-अलग प्रबंधन नहीं करना होगा। डीपीडीपी-अनुपालक यह प्लेटफ़ॉर्म एसएमएस, व्हाट्सऐप, आरसीएस, वॉइस कम्युनिकेशन और नंबर सत्यापन (साइलेंट ऑथेंटिकेशन) को एक ही स्थान पर एक साथ उपलब्ध कराता है। इससे एंटरप्राइज़ बड़े स्तर पर अपने व्यावसायिक संचार को आसानी से प्रबंधित कर सकेंगे, साथ ही ग्राहकों के भरोसे की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकेंगे और हर ग्राहक संवाद में सुरक्षा को बुनियादी प्राथमिकता बना सकेंगे।

 

एयरटेल बिज़नेस की यह पेशकश आज के समय में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। आज व्यवसायों को अपने ग्राहकों तक पहुँचने के लिए कई सेवा प्रदाताओं और विभिन्न टूल्स में बटे हुए संचार माध्यम को प्रबंधन करना पड़ता है, जबकि संदेश वास्तव में पहुँच रहे हैं या नहीं, इसकी जानकारी भी सीमित होती है। कई बार संदेश वास्तव में विफल होने के बावजूद उन्हें सफलतापूर्वक पहुँचाया गया दिखाया जाता है। वहीं, बॉट्स द्वारा अंतरराष्ट्रीय ओटीपी पंपिंग किए जाने से बिल अनावश्यक रूप से बढ़ जाते हैं। इसके अलावा, पहले से स्वीकृत संदेश प्रारूपों का प्रबंधन अभी भी मैन्युअल रूप से किया जाता है, जिससे अक्सर गलतियाँ हो जाती हैं। एंटरप्राइज़ के लिए, खासकर बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ और बीमा, सरकारी सेवाएँ, ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में, इसका असर केवल ग्राहकों के भरोसे तक सीमित नहीं रहता। जब उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी वाले संदेशों और घोटालों का निशाना बनाया जाता है, तो इससे ग्राहक विश्वास को नुकसान पहुँचने के साथ-साथ ब्रांड की प्रतिष्ठा भी प्रभावित होती है।

 

एयरटेल आईक्यू गेटवे सभी व्यावसायिक संचार के लिए एक ही नियंत्रण केंद्र उपलब्ध कराकर इस समस्या का समाधान करता है। यह एयरटेल की फ़्रॉड प्रोटेक्शन को मूल संदेश प्रारूप प्रणाली (डीएलटी) के साथ स्वचालित एकीकरण, वैकल्पिक सेवा प्रदाताओं पर स्वचालित रूप से स्विच करने और एसएमएस, व्हाट्सऐप, आरसीएस तथा वॉइस के बीच बुद्धिमत्तापूर्ण रूटिंग जैसी सुविधाओं के साथ एक ही मंच पर लाता है।

 

एंटरप्राइज़ के उपयोग के लिए एयरटेल की अंतर्निहित नेटवर्क इंटेलिजेंस और भरोसे की सुरक्षा-परतों का लाभ उठाते हुए, जैसे धोखाधड़ी से सुरक्षा के लिए आईक्यू वेरिफाई और सिम-आधारित लॉगिन के लिए साइलेंट ऑथेंटिकेशन, एयरटेल आईक्यू गेटवे धोखाधड़ी वाले खाते बनाए जाने या खातों पर अनधिकृत कब्जे तथा कृत्रिम रूप से बढ़ने वाले ट्रैफ़िक की पहचान जैसी क्षमताओं के माध्यम से एंटरप्राइज़ को धोखाधड़ी से होने वाले नुकसान और उद्योग में बड़े पैमाने पर होने वाली एसएमएस पंपिंग के कारण बढ़ने वाले बिलों से सुरक्षित रखता है।

 

आज देशभर में लॉन्च किया गया यह प्लेटफ़ॉर्म चुनिंदा बैंकों, वित्तीय संस्थानों और अन्य संबंधित उद्योगों के साथ सफल परीक्षण के बाद उपलब्ध कराया गया है। यह प्लेटफ़ॉर्म अंतिम ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने में एयरटेल की सिद्ध विशेषज्ञता को एंटरप्राइज़ तक पहुँचाता है, जिससे वे सुरक्षित संचार के माध्यम से बड़े पैमाने पर अपने ग्राहकों का भरोसा कायम कर सकते हैं।

 

एयरटेल बिज़नेस के सीईओ शरत सिन्हा ने कहा,“जैसे-जैसे भारत एक सुरक्षित और समावेशी डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, हर डिजिटल संवाद की नींव भरोसे पर आधारित होना आवश्यक है। आज सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया ग्राहक जुड़ाव वह आधार बन चुका है, जिस पर एंटरप्राइज़ पूरे विश्वास के साथ अपने कारोबार का विस्तार कर सकते हैं। एयरटेल में हमने अपने मोबाइल और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से लाखों उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखने में नेटवर्क-स्तरीय फ़्रॉड डिटेक्शन  की क्षमता को पहले ही साबित किया है। आईक्यू गेटवे के माध्यम से हम इसी सिद्ध विशेषज्ञता को एंटरप्राइज़ तक पहुँचा रहे हैं, ताकि वे अपने ब्रांड पर भरोसा कायम कर सकें और यह सुनिश्चित कर सकें कि ग्राहकों के साथ होने वाला हर संवाद सुरक्षित, प्रमाणित और निर्बाध बना रहे। नेटवर्क स्तर पर भरोसे को शामिल करके हम अपने एंटरप्राइज़ ग्राहकों, विशेष रूप से बैंकों, सरकारी विभागों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को साइबर अपराध से होने वाले नुकसान को कम करने और ग्राहकों के साथ होने वाले हर संवाद की विश्वसनीयता मजबूत करने में सक्षम बना रहे हैं। यह भारत के लिए अधिक सुरक्षित डिजिटल भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जहाँ नागरिक और व्यवसाय समान विश्वास के साथ डिजिटल लेन-देन और संवाद कर सकें।”

 

एयरटेल आईक्यू गेटवे की प्रमुख क्षमताएँ

 

  • फ्लेक्सबिल तैनाती: इसे मौजूदा संचार कार्यप्रवाह और सेवा प्रदाताओं के मौजूदा तंत्र के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है। ग्राहक की पसंद और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं के आधार पर इसे एंटरप्राइज़ के परिसर में स्थापित किया जा सकता है या एयरटेल के क्लाउड पर सॉफ़्टवेयर-एज़-ए-सर्विस (SaaS) के रूप में संचालित किया जा सकता है।
  • एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म और शुरुआत से अंत तक नियंत्रण: एंटरप्राइज़ एक ही डैशबोर्ड पर अपने सभी ग्राहक संचार का प्रबंधन कर सकते हैं। इसमें वास्तविक समय में विश्लेषण और संदेश पहुँचने की स्थिति की पारदर्शी जानकारी उपलब्ध होती है।
  • वित्तीय नुकसान से सुरक्षा: उद्योग में आम धोखाधड़ी वाली एसएमएस पंपिंग के कारण होने वाले धोखाधड़ी से संबंधित नुकसान और अचानक बढ़ने वाले बिलों से सुरक्षा प्रदान करता है।
  • नेटवर्क-स्तरीय बुद्धिमत्तापूर्ण सुविधाएँ: एयरटेल की अग्रणी फ़्रॉड डिटेक्शन को मूल डीएलटी एकीकरण, सेवा प्रदाता के विफल होने पर स्वचालित रूप से दूसरे प्रदाता पर स्विच करने और कई संचार माध्यमों के बीच बुद्धिमत्तापूर्ण रूटिंग के साथ जोड़ा गया है, जिससे प्लेटफ़ॉर्म में भरोसा और सुरक्षा शुरू से ही सुनिश्चित रहती है।
  • एयरटेल आईक्यू वेरिफाई (नेटवर्क-आधारित धोखाधड़ी आकलन): यह नेटवर्क, डिवाइस और उपयोग से जुड़े संकेतों का आकलन करके धोखाधड़ी वाले खातों को शुरू से ही पंजीकृत होने से रोकता है और वास्तविक ग्राहकों को धोखाधड़ी का शिकार होने से सुरक्षित रखता है।
  • संदेश पहुँचने में पारदर्शिता: नेटवर्क स्तर पर उपलब्ध संदेश-प्रेषण रिपोर्ट के माध्यम से संदेशों के वास्तव में पहुँचने की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिलती है।
  • साइलेंट ऑथेंटिकेशन (नेटवर्क-आधारित लॉगिन/सिम-बाइंडिंग): यह लॉगिन और सिम-बाइंडिंग की प्रक्रिया में ओटीपी एसएमएस की आवश्यकता को समाप्त करता है। इसमें यह सत्यापित किया जाता है कि दर्ज किया गया नंबर उसी डिवाइस में सक्रिय सिम से मेल खाता है। इससे सिम बदलकर की जाने वाली धोखाधड़ी और सोशल इंजीनियरिंग से जुड़े जोखिम कम होते हैं।