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बेचने के लिए इलाहाबाद से हांकते लाए चीनी मुर्गियों को

रेलिक रिपोर्टर, झाबुआ
 
जिले में कड़कनाथ मुर्गे-मुर्गी तो मिल जाते है, लेकिन चीनी मुर्गे-मुर्गी की प्रजाति मुश्किल से मिलती है। गुरूवार को इस प्रजाति के मुर्गे-मुर्गियों को बेचने के लिए इलाहाबाद (उप्र) से 5 लोग झाबुआ आए। इन लोगों ने शहर के बाहर हाईवे पर अपनी दुकान लगाकर चीनी मुर्गे-मुर्गी बेचे। 


काले कपडे के पीछे चलते हुए चीनी मुर्गे
काले कपडे के पीछे चलते हुए चीनी मुर्गे
इलाहाबाद से आए हरिलाल सोनकर ने बताया कि उनके साथ 4 अन्य लोग झाबुआ आए। उनके द्वारा जोड़ी में इस प्रजाति के मुर्गे-मुर्गी बेचे जा रहे। जिनकी कीमत 550 रूपये निर्धारित की गई। सोनकर ने बताया कि उनके यहां पर इस प्रजाति के मुर्गे-मुर्गी बड़ी तादाद में बिकते है। सोनकर ने बताया कि उनके द्वारा सुबह से दोपहर 1 बजे तक 20 जोड़े बेच दिए गए है। उनके एवं उनके साथियों ने ग्राम मिंडल, कृषि उपज मंडी के समीप अपनी दुकाने लगाकर चीनी मुर्गे-मुर्गीयों को बेचने का कार्य किया। कुल 700 जोड़े लाए है, जिनको 5-6 दिनों में बेचा जाएगा। सोनकर ने बताया कि शहर में रविवार को हाट बाजार कृषि उपज मंडी में लगता है, जहां वह मंडी में दुकान लगाकर बेचने का कार्य करेंगे।