नई दिल्ली
चुनाव आयोग
ने आम चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले तमाम तैयारियों को अंतिम रूप देना
शुरू कर दिया है। इसके तहत आयोग ने राज्यों से हर हाल में 28 फरवरी तक सभी
प्रशासनिक तैयारी और खासकर तबादला प्रक्रिया को पूरा कर लेने को कहा है।
सभी राज्यों के चीफ सेक्रेटरी को लेटर भेजकर कहा गया है कि फरवरी के बाद
कोई ट्रांसफर नहीं होगा। अंतिम समय में होने वाले तबादलों की जानकारी आयोग
को दी जाएगी। आयोग ने संकेत दिया है कि मार्च के पहले हफ्ते में चुनाव की
तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी। चुनाव अप्रैल-मई में संभावित हैं। 3 जून से
पहले नई लोकसभा का गठन करना है। आयोग ने सभी राज्यों से 15 फरवरी तक 10
बिंदुओं पर जवाब देने को कहा है, जिससे तैयारी के स्तर का पता चलेगा।
सुरक्षाकर्मियों का लगाना है हिसाब
सूत्रों के अनुसार, आयोग ने आम चुनाव से जुड़ी तैयारियां कर ली हैं। अब
सुरक्षा व्यवस्था को ही अंतिम रूप देना बचा है। इसके लिए गृह मंत्रालय से
एक दौर की बातचीत हो गई है। कहां कितने अर्धसैनिक बल चाहिए, यह तय करने के
बाद ही निश्चित होगा कि कितने चरणों में कहां और कब चुनाव होंगे। फरवरी के
दूसरे हफ्ते में गृह मंत्रालय की बैठक में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
कब घोषित हुए चुनाव
2004 : 29 फरवरी, चार चरण
2009 : 2 मार्च, पांच चरण
2014 : 5 मार्च, 9 चरण
लोकसभा के साथ कई राज्यों में विधानसभा चुनाव
आम चुनाव के साथ एक दर्जन राज्यों में विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी भी चल रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार लोकसभा चुनाव
के साथ चार राज्यों का कार्यकाल पूरा होता है और वहां विधानसभा चुनाव होने
तय हैं। केंद्र सरकार की ऐसी तैयारी है कि इसके अलावा आधा दर्जन और
राज्यों में भी चुनाव हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, आयोग ने भी इस बारे
में तैयारी कर रखी है। बीजेपी की ऐसी योजना है कि जिन राज्य में
अक्टूबर-नवंबर में चुनाव होने वाले हैं, वहां लोकसभा के साथ ही चुनाव करा
दें। इसके पीछे बीजेपी की अपनी रणनीति भी है। मसलन महाराष्ट्र के बारे में
आकलन है कि दोनों चुनाव साथ होने पर शिवसेना कोई जोखिम नहीं लेगी और गठबंधन
में बनी रहेगी। दूसरे राज्यों में सत्ता विरोधी लहर को मोदी फैक्टर से
काटा जा सकेगा।
इन राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव: आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश
यहां भी हो सकते हैं: महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर
