गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री का संदेश नहीं पढ़ पाने वालीं महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठने लगे हैं। उनके चुनावी हलफनामों में भी इसकी जानकारी अस्पष्ट और विरोधाभासी है।
2018 के हालिया चुनाव के हलफनामे के मुताबिक इमरती देवी ने 2009 में भिंड के एक सरकारी स्कूल से राज्य ओपन बोर्ड की हायर सेकंडरी परीक्षा पास होना बताया है। 2013 के चुनावी हलफनामे में भी यही जानकारी है। लेकिन 2008 में जब वे पहली बार विधायक निर्वाचित हुई थीं, तबके हलफनामे में भी उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल से हायर सेकंडरी पास होना बताया था।
लेकिन इसमें पासिंग ईयर का जिक्र नहीं हैं। इस विरोधाभास पर जब भास्कर ने इमरती देवी से ही सीधे बात की तो उन्होंने इसके इतर नई जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने तो वर्ष 2007 में ही भितरवार के एक सरकारी स्कूल से 12वीं पास कर लिया था, जब वे जिला पंचायत सदस्य हुआ करती थीं।
- 2018 : भिंड के एक सरकारी स्कूल से राज्य ओपन बोर्ड के जरिए
- 2013 : भिंड के एक सरकारी स्कूल से राज्य ओपन बोर्ड के जरिए
- 2008 : माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल से हायर सेकंडरी परीक्षा पास की
- रविवार को दावा- 2007 में भितरवार से 12वीं पास की
सवाल : आपकी शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठ रहे हैं?
जवाब : मैं उस गांव (चरबरा, दतिया) में पैदा हुई, जहां स्कूल ही नहीं था। लेकिन मैं अनपढ़ नहीं हूं। राजनीति में आने के बाद पढ़ाई की।
जवाब : मैं उस गांव (चरबरा, दतिया) में पैदा हुई, जहां स्कूल ही नहीं था। लेकिन मैं अनपढ़ नहीं हूं। राजनीति में आने के बाद पढ़ाई की।
सवाल : आपके चुनावी शपथ-पत्र में लिखा है कि वर्ष 2009 में आपने भिंड से हायर सेकंडरी की है?
जवाब : नहीं, मैंने तो 2007 में ही भितरवार से हायर सेकंडरी कर ली थी, जब मैं जिला पंचायत सदस्य थी। भिंड तो कभी पढ़ने गई ही नहीं।
जवाब : नहीं, मैंने तो 2007 में ही भितरवार से हायर सेकंडरी कर ली थी, जब मैं जिला पंचायत सदस्य थी। भिंड तो कभी पढ़ने गई ही नहीं।
सवाल : डबरा में रहती हैं, भितरवार से परीक्षा क्यों दी?
जवाब : राजनीति में आने के बाद मैंने पढ़ाई की। 8वीं और 10वीं प्राइवेट पास की।
जवाब : राजनीति में आने के बाद मैंने पढ़ाई की। 8वीं और 10वीं प्राइवेट पास की।
सवाल : फिर आप सीएम का संदेश क्यों नहीं पढ़ पाईं?
जवाब : तबीयत ठीक नहीं हैं। ज्यादा देर खड़े होने पर तकलीफ होती है। आंखों के सामने अंधेरा छाने के कारण संदेश नहीं पढ़ सकी।
जवाब : तबीयत ठीक नहीं हैं। ज्यादा देर खड़े होने पर तकलीफ होती है। आंखों के सामने अंधेरा छाने के कारण संदेश नहीं पढ़ सकी।
लक्ष्मण सिंह की पत्नी रूबीना का ट्वीट- शर्मनाक है हमारे मंत्री का यह स्तर : मंत्री महोदया को भाषण में कुछ लाइनें पढ़ने में अत्यंत संघर्ष करना पड़ा। किसी और ने उसको पढ़कर पूरा किया। कितना शर्मनाक है हमारे मंत्री का यह स्तर, जो किसी और की जगह ऐसे मंत्रियों को चुनना पड़ा। -रूबीना सिंह, कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह की पत्नी
