इंदौर
हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सरकार की पैरवी करने के लिए 40 सरकारी वकीलों के नाम 29 जनवरी तक सामने आ सकते हैं। इंदौर के वकीलों के नाम के लिए भोपाल में मशक्कत चल रही है। हर नाम के लिए मंत्री, विधायक, आईएएस, आईपीएस अफसर तक अपने करीबी वकील के लिए जोर लगा रहे हैं। संघ और भाजपा के नेता भी कांग्रेसियों से संपर्क कर अपने वकीलों के नाम लिस्ट में जुड़वाने का प्रयास कर रहे हैं।
इंदौर खंडपीठ में 40 सरकारी वकील के पदों के लिए छह सौ से ज्यादा वकीलों ने दावा जताया है। महाधिवक्ता कार्यालय में आवेदन भिजवाने के बाद अपने-अपने कांग्रेस नेताओं के जरिए प्रयास किया जा रहा है। विधि विभाग लिस्ट फाइनल होने के बाद वकीलों को फोन पर सूचना देगा और नियुक्ति पत्र भी जारी करेगा। सरकारी वकील बनने के लिए इसलिए जोड़तोड़ हो रही है, क्योंकि पिछले वर्ष से ही मानदेय सवा लाख रुपए महीना कर दिया है। विधि मंत्री पीसी शर्मा सहित भोपाल में बैठे कांग्रेस के कद्दावर नेता तक इंदौर में समर्थक वकीलों के लिए प्रयास कर रहे हैं। बताया जाता है कि यह लिस्ट मुख्यमंत्री के हाथों में जाने के बाद ही अंतिम रूप ले पाएगी।
इंदौर खंडपीठ में एक उपमहाधिवक्ता का पद भी खाली है। इस पद पर भी नियुक्ति 31 जनवरी तक हो सकती है। उल्लेखनीय है कि भाजपा सरकार में बनी 40 वकीलों की टीम का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। 31 के पहले ही कांग्रेस सरकार को नाम तय करना होंगे।
