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कांग्रेस के न्यूनतम आय के वादे पर मायावती ने कसा तंज, बोलीं- इंदिरा के गरीबी हटाओ नारे का क्या हुआ?

लखनऊ
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को छत्तीसगढ़ में वादा किया था कि अगर 2019 में कांग्रेस की सरकार बनी तो देश में हर एक गरीब को न्यूनतम आय की गारंटी दी जाएगी। कांग्रेस चीफ राहुल के इस वादे पर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की अध्यक्ष मायावती ने सवाल खड़ा कर दिया है। मायावती ने कांग्रेस को पूर्व की इंदिरा गांधी सरकार की याद दिलाते हुए कहा कि गरीबी हटाओ वाले नारे का क्या हुआ।
मायावती ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी की पूर्ववर्ती सरकारों का रेकॉर्ड और खासकर इंदिरा गांधी की सरकार के बहुचर्चित गरीबी हटाओ के नारे व घोषणा के परिणाम जनता के सामने हैं। कांग्रेस और बीजेपी इन दोनों ही पार्टियों द्वारा किसानों की दुर्दशा को समाप्त करने को लेकर किया गया वादा हवा-हवाई और छलावा ही साबित हुआ है।' इतना ही नहीं, बीएसपी चीफ ने कहा, 'कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही असफल रहे हैं और साबित किया है कि वे एक सिक्के के दो पहलू हैं।'

कांग्रेस के साथ बीजेपी पर भी कसा तंज
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कहा, 'कांग्रेस की सरकारों का खासकर गरीबी हटाओ का बहुचर्चित नारा था। वर्तमान में केंद्र की पूर्ण बहुमतवाली बीजेपी सरकार का विदेश से कालाधन वापस लाकर देश के हर गरीब को 15 से 20 लाख रुपये देकर उनके अच्छे दिन लाने का वादा भी छलावा ही साबित हुआ।'

मायावती ने कांग्रेस अध्यक्ष को दी नसीहत
बीएसपी चीफ मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'राहुल गांधी को ऐसी कोई भी घोषणा व ऐसा कोई भी वादा देश की आम जनता से करने के पहले उन योजनाओं को कांग्रेस शासित राज्यों में से खासकर राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ आदि में सही से लागू करके दिखाना चाहिए था ताकि लोगों को इस प्रकार की योजनाएं हवा-हवाई न लगें।'

अखिलेश ने कांग्रेस से गठबंधन में मांगा साथआपको बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर यूपी में एसपी और बीएसपी ने गठबंधन किया है। इस गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया गया है। खास बात तो यह है कि जहां समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव कांग्रेस से अपील कर रहे हैं कि यदि बीजेपी के खिलाफ लड़ना है तो उसे उत्तर प्रदेश में बने एसपी-बीएसपी गठबंधन का समर्थन करना चाहिए, वहीं मायावती कांग्रेस पर लगातार हमलावर रुख अपना रही हैं।