जयपुर
राजस्थान में गुर्जर आंदोलन
की वजह से ट्रेनों पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। वेस्टर्न रेलवे
की 26 ट्रेनें 12 फरवरी को रद्द कर दी गईं हैं जबकि 12 को डायवर्ट किया
गया। इतना ही नहीं, 13 फरवरी को भी 31 ट्रेनें रद्द रहेंगी जबकि 10 का रूट
बदला गया है। वहीं, 14 फरवरी को 11 ट्रेनें कैंसल कर दी गई हैं और 4 को
डायवर्ट किया गया। इनके इतर, 15 फरवरी को दो ट्रेनें रद्द रहेंगी।
राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर रेलवे ट्रैक पर बैठे गुर्जर
समुदाय के लोगों पर प्रशासन ने सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं। पांच दिन से
गुर्जर आंदोलनकारी सवाईमाधोपुर में रेलवे पटरियों पर कब्जा जमाए हुए हैं।
इसके चलते रेल यातायात के अलावा सड़क मार्ग भी बाधित है। इस बीच
मुख्यमंत्री
अशोक गहलोत ने भी गुर्जर नेताओं से बातचीत के लिए आगे आने की अपील की है।
सवाईमाधोपुर में प्रशासन ने बुधवार तक के लिए इंटरनेट सेवाओं को सस्पेंड किया है। इसके साथ ही जिला कलेक्टर ने गुर्जर नेता
कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला
को नोटिस जारी करते हुए रेलवे ट्रैक को खाली करने को कहा है। इसके अलावा
एहतियात के तौर पर इस रूट से जाने वाली तीन ट्रेनों को रद्द किया गया है।
वहीं, दो ट्रेनों का रूट डायवर्ट हुआ है। बता दें कि राज्य में सरकारी
नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण की
मांग को लेकर शुक्रवार शाम को सवाईमाधोपुर के
मलारना डूंगर में गुर्जर समुदाय के लोगों ने रेल पटरी पर कब्जा जमा लिया था।
गुर्जरों की मांग- 5 फीसदी मिले आरक्षण
गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला की अगुआई में पांच दिन से उनके समर्थक
मलारना डूंगर में जमे हैं। आंदोलनकारियों और सरकारी प्रतिनिधिमंडल में
शनिवार को हुई बातचीत बेनतीजा रही। इसके बाद रविवार को दोनों पक्षों में
कोई बातचीत नहीं हुई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि सरकार के
स्तर पर वार्ता के द्वार खुले हैं और आंदोलनकारियों को बातचीत के लिए आगे
आना चाहिए। गुर्जर समाज सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश
के लिए गुर्जर, रायका रेबारी, गडिया लुहार, बंजारा और गड़रिया समाज के
लोगों को पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। वर्तमान में अन्य पिछड़ा
वर्ग के आरक्षण के अतिरिक्त 50 प्रतिशत की कानूनी सीमा में गुर्जरों को
अति पिछड़ा श्रेणी के तहत एक प्रतिशत आरक्षण अलग से मिल रहा है।