शहर में भगवान बाहुबली की 31 फीट ऊंची प्रतिमा को शनिवार सुबह 11 बजे से स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस कार्य में पूरे 7 घंटे लगे और प्रतिमा शाम 6 बजे वेदी पर बने 5 फीट के पाषाण कमल पर विराजित हो गई।
इसके लिए ग्वालियर से 3 क्रेन बुलाई गईं। 3 इंजीनियर और 15 से ज्यादा तकनीकी अमला लगा। इससे पहले जैन समाज ने भूतल पर बनी 40 फीट ऊंची वेदी काे मंत्रों और जल से पवित्र किया। इसके बाद प्रतिमा स्थापित हो गई। प्रतिमा का मंुह शहर की तरफ ही रखा गया है।
प्रोजेक्ट पर 1.50 करोड़ हुए हैं खर्च : जैन समाज के अध्यक्ष संजीव जैन ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर 1.50 करोड़ का खर्च आया है। 14 बीघा भूमि पर अष्टकोणीय जिनालय तैयार हुआ है। इसमें सरिए का इस्तेमाल नहीं किया गया है। 7 फीट ऊंची पदमासन भगवान आदिनाथ स्वामी की प्रतिमा विराजमान की गई है।
इसके अलावा भगवान बाहुबली की प्रतिमा 35 टन वजनी है जिसे 20 टन वजनी 5 फीट ऊंचे पाषाण कमल पर स्थापित किया गया है। प्रतिमा स्थापित होने की बाद वेदी और कमल की ऊंचाई को मिलाकर प्रतिमा की ऊंचाई 76 फीट हो गई है। इसके 2 किमी दूर से भी दर्शन किए जा सकते हैं।
