शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 में शनिवार दोपहर 1 बजे तक शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर के लिए प्रभारी प्राचार्य सुमन यादव का इंतजार करते रहे और बगैर किसी वरिष्ठ अधिकारी को सूचना दिए बगैर वे अनुपस्थित रहीं। सूचना मिलने पर जब एसडीएम पहुंचे और उन्होंने एक शिक्षक के फोन पर प्राचार्य से अनुपस्थित होने की वजह पूछी तो वह अपनी गलती मानने की बजाय उल्टा एसडीएम से कहने लगीं कि स्कूल निरीक्षण का अधिकारी डीईओ को हैं आप को नहीं।
इस जवाब से तमतमाएं एसडीएम ने तत्काल जिला शिक्षाधिकारी को तलब करते हुए पंचनामा तैयार करवाया और संबंधित प्राचार्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनके निलंबन की अनुशंसा की। वहीं हाजिरी रजिस्टर अलमारी में बंद होने की सूचना मिलने पर एसडीएम नीलेश शर्मा स्कूल पहुंचे थे। शिक्षकों से उन्होंने पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने प्रभारी प्राचार्य से फोन पर बात की।
रजिस्टर था अलमारी में बंद : स्कूल में प्रभारी प्राचार्य के अनुपस्थित होने के कारण शनिवार को स्थानांतरण के बाद शिक्षिका सीमा शर्मा को ज्वाइन करना था। श्रीमती शर्मा की सीनियरटी के चलते वे स्वत: ही स्कूल की प्रभारी प्राचार्य बन जाती। इसको देखते हुए वर्तमान प्रभारी प्राचार्य सुमन अलमारी में रजिस्टर रखकर गायब हो गईं ताकि सीमा उपस्थिति रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर न कर सकें। इसके चलते सीमा ने ऑफिस की दीवार पर समय लिखकर अपने हस्ताक्षर भी कर दिए।
प्रभारी प्राचार्य ने अभद्रता की
मौके पर पहुंचकर एक शिक्षक ने फोन से प्रभारी प्राचार्य से बातचीत कराई तो उन्होंने अभद्रता करते हुए कहा कि जांच का अधिकारी जिला शिक्षाधिकारी को है। निलंबन का प्रस्ताव बनाने के निर्देश जिला शिक्षाधिकारी को दिया है।नीलेश शर्मा, एसडीएम अशोकनगर
