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डॉक्टर ने नौकर के किए 500 टुकड़े, सबूत मिटाने के लिए ऐसिड में डालकर गलाए

होशंगाबाद
मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में एक ऑर्थोपेडिक डॉक्टर ने अपने ही नौकर की हत्या कर दी। आरोप है कि डॉक्टर के नौकर की पत्नी के साथ अवैध संबंध थे जिसकी भनक लगने पर नौकर ने विरोध किया था। डॉक्टर ने नौकर के सैकड़ों टुकड़े किए और हत्या के सबूत मिटाने के लिए इन टुकड़ों को ऐसिड में डालकर गला रहा था। बार-बार घर की बालकनी में आ रहे खून और पसीने से लथपथ डॉक्टर को देखकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने बताया कि डॉ. सुनील मंत्री इटारसी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात हैं। उनके घर में वीरेंद्र पचौरी नौकरी करता था। वह इसी घर में अपनी पत्नी के साथ रहता था। डॉक्टर के वीरेंद्र पचौरी की पत्नी के साथ कथित रूप से अवैध संबंध थे। बताया जा रहा है कि नौकर को जब दोनों के अवैध संबंधों की भनक लगी तो उसका डॉक्टर के साथ झगड़ा भी हुआ। इसके बाद डॉक्टर ने नौकर की हत्या करने का फैसला लिया।

हत्या से पहले की तैयारी
डॉ. सुनील मंत्री ने वीरेंद्र की हत्या करने से पहले सारी तैयारियां की। वह सौ लीटर ऐसिड बाजार से खरीदकर लाया। इसके अलावा बाथरूम में कई बड़े बर्तन रखे। कई आरियां खरीदकर लाया। इतना ही नहीं नौकर को बेहोश करने के लिए उसने इंजेक्शन भी तैयार किया।

लगाया बेहोशी का इंजेक्शन
पुलिस की पूछताछ में डॉक्टर ने बताया कि वीरेंद्र को उसने सोते समय नींद का इंजेक्शन लगाया। वह बेहोश हो गया तो वह उसे खींचकर बाथरूम तक ले गए। वहां आरी से उसका गला काट दिया। थोड़ी देर तक उसे वीरेंद्र को ऐसे ही छोड़ दिया। फिर हत्या के सबूत मिटाने में जुट गया।

आरोपी डॉक्टर

किए पांच सौ से ज्यादा टुकड़े
डॉक्टर ने वीरेंद्र के शरीर के सैकड़ों छोटे-छोटे टुकड़े किए। शव के टुकड़े करने में उसे लगभग तीन घंटे का समय लगा। डॉक्टर ने बताया कि उसने लगभग पांच सौ टुकड़ों में शव काटा था। वह बहुत घबराया हुआ था। शव के टुकड़े करने के दौरान डॉक्टर कई बार अपने घर की बालकनी में गया। वह पसीने में डूबा हुआ था। वह थोड़ी देर बालकनी में खड़ा होता और फिर वापस बाथरूम में आकर शव के टुकड़े करने लगता।

ऐसिड में डाले टुकड़े
शव के सैकड़ों टुकड़े करने के बाद डॉक्टर ने ड्रम में लाया गया ऐसिड बड़े बर्तनों में पलटा। इन बड़े बर्तनों में उसने नौकर के किए गए टुकड़े डाल दिए ताकि वे टुकड़े ऐसिड में पूरी तरह से गल जाएं। डॉक्टर का प्लान था कि शव के टुकड़े गलने के बाद वह लिक्विड फ्लश कर देगा और किसी को भी इस घटना की सूचना नहीं लगेगी।

ऐसे खुला मामला

पुलिस ने बताया कि घबराया हुआ डॉक्टर जब बार-बार अपनी बालकनी में जा रहा था तो पड़ोसियों की नजर उस पर पड़ी। उसके कपड़ों में खून के धब्बे लगे थे। वह पसीने से लथपथ था जिसके बाद पड़ोसियों को उसके ऊपर शक हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस फोर्स डॉक्टर के घर पर पहुंची तो बाथरूम में आरियां, ऐसिड में शव के गलते टुकड़े मिले। एसपी अरविंद सक्सेना ने बताया कि आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। नौकर की पत्नी से भी पूछताछ की जा रही है।