टीम इंडिया के मुख्य कोच ने कहा, 'मैं मानता हूं कि भारतीय टीम भाग्यशाली है कि उसके पास ऐसा कप्तान है। वह मुझे कई बातों में इमरान खान की याद दिलाते हैं जैसे- जिस ढंग से वह उदाहरण स्थापित करते हैं और अपने लिए मानक निर्धारित करते हैं। इसके अलावा अपने ही खास ढंग से वह चीजों को परिभाषित करते हैं और सामने आकर टीम का नेतृत्व करते हैं।'
हालांकि रवि शास्त्री को अभी विराट में बतौर कप्तान और बेहतरी की संभावनाएं नजर आती हैं। वह कहते हैं कि मुझे विश्वास है कि विराट जल्दी ही इन चीजों को अपनी कप्तानी में विकसित कर लेंगे। उन्होंने कहा, 'जहां तक मैं समझता हूं, बतौर कप्तान उन्हें कुछ चतुराईपूर्ण रणनीतियों में कुछ सुधार करने की जरूरत है। लेकिन वह इस दिशा में भी समय के साथ बेहतर और बेहतर होते जा रहे हैं और मैं मानता हूं कि ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज के दौरान वह ऑस्ट्रेलियाई खेमे से ज्यादा स्मार्ट साबित हुए।' शास्त्री ने आगे कहा, 'मैं अभी भी ऐसा मानता हूं कि विराट को हर फॉर्मेट में बतौर कप्तान कुछ सुधार की जरूरत है। बतौर कप्तान वह और बेहतर होंगे।'
शास्त्री ने स्पिन बोलिंग में युवा चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की भी तारीफ की। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में 5 विकेट का हवाला देते हुए कहा कि विदेशी सरजमीं पर अनुभवी रविचंद्रन अश्विन की जगह कुलदीप यादव टीम के मुख्य स्पिनर होंगे। शास्त्री ने यह साफ किया कि कुलदीप 'पहले' ही अश्विन और जडेजा से आगे निकल देश के नंबर 1 स्पिनर हैं।
शास्त्री ने 'क्रिकबज' वेबसाइट से कहा, 'वह पहले ही विदेश में टेस्ट क्रिकेट खेल चुके हैं और 5 विकेट ले चुके हैं ऐसे में वह हमारे मुख्य स्पिनर होंगे।' उन्होंने कहा, 'हर किसी का समय होता है (अश्विन की खराब फॉर्म की ओर इशारा करते हुए) लेकिन अब कुलदीप विदेशों में हमारे शीर्ष स्पिनर होंगे। कुलदीप ने बारिश से प्रभावित इस मैच में 5 विकेट चटकाए और ज्यादातर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज उनकी गेंदों को समझने में नाकाम रहे।
ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीत के नायक रहे चेतेश्वर पुजारा को उससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंगम टेस्ट में अंतिम 11 में जगह नहीं मिली थी। शास्त्री ने कहा उनकी तकनीक में कोई कमी नहीं थी लेकिन उन्होंने क्रीज पर खड़े होने के तरीके में बदलाव किया, जिसका फायदा मिला। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर ने कहा, 'उनके साथ तकनीकी समस्या नहीं थी। यह उनके क्रीज पर खड़े होने के तरीके के कारण था। यह बड़ी बात नहीं थी। जब आप इतना क्रिकेट खेलते हैं तो यह आपके साथ भी हो सकता है। मुझे लगा कि इसे सुधारा जा सकता है।'
शास्त्री ने कहा, 'हमें यह तय करना था कि उन्हें पहले टेस्ट (इंग्लैंड के खिलाफ) में खिलाने का जोखिम लेकर अगले 7 से 8 मैचों के लिए उन्हें सुधार करने का मौका दें। उन्हें सभी मैचों में खिलाने पर सुधार करने का मौका नहीं मिलता।'
