मिसरोद में गुरुवार को एक विवाह समारोह चर्चा और कौतूहल का विषय बना रहा। गांव के किसान पाटीदार परिवार का बेटा जब अपनी दुल्हनियां को लेने हेलीकाॅप्टर में सवार हुआ तो उसे देखने ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। दूल्हे ने हेलीकॉप्टर ओला कैब से किराए पर बुक किया था।
दूल्हा उद्धेश पाटीदार अपने दादा जीतमल पाटीदार को लेकर हेलीकाॅप्टर से शाम 4.35 बजे शाजापुर जिले के ग्राम खरगाेन कलां के लिए उड़ान भरी। परिजनों और ग्रामवासियों ने करतल ध्वनि करते हुए दूल्हे राजा को शुभकामनाएं देकर रवाना किया। हेलिकाप्टर की ग़ड़गड़ाहट का शोर थमने पर महिलाओं ने मंगल गीत गाए।
मिसरोद निवासी कृषक नर्मदा प्रसाद पाटीदार के बेटा हेलीकाॅप्टर से
दुल्हन लेने रवाना होगा, यह खबर पहले से ही गांव में फैल चुकी थी। दोपहर 3
बजे से ही गांव के लोगों की निगाहें बार-बार आसमान की ओर उठ रही थी। शाम
चार बजे जब फूल बरसाते हुए गांव के ऊपर एक हेलिकाप्टर चक्कर काटने लगा।
सड़क, खेत और मकानों की छतों पर खड़े लोग मोबाइल फोन से फोटो और वीडियो
बनाने लगे।
हेलीकॉप्टर खेत में पहुंचा तो उमड़ पड़ी भीड़ - हेलीकाॅप्टर जब खेत में बनाए गए हेलीपेड पर उतरा तो उसे देखने वहां भी खासी भीड़ जमा हो गई। दूल्हा अपने माता-पिता व परिजनों के साथ पहुंचा। यहां मौजूद पंडितों ने दूल्हे का तिलक कर मंगलाचरण व स्वस्ति वाचन किया। इसके बाद दूल्हा अपने दादा के साथ हेलीकाॅप्टर में सवार होकर खरगोन कलां के लिए रवाना हो गए।
दूल्हा बोला- विवाह को यादगार बनाना था
- रवाना होने से पूर्व दूल्हे ने बताया कि उसकी व उसके परिवार की इच्छा विवाह समारोह में कुछ अलग हट कर करने की थी। विवाह को यादगार बनाने के उद्देश्य से ही हेलीकाॅप्टर से दुल्हनियां को लेने जाने का कार्यक्रम बनाया। शुक्रवार को शाजापुर कलां से इसी हेलीकाॅप्टर से वे दुल्हन लेकर वापस लौटेंगे।
दूल्हे के पिता ने कहा-किसान बच्चों को पढ़ाकर सपने पूरा करें
- पिता नर्मदा प्रसाद ने कहा कि इसके पीछे उनका उद्देश्य किसान भाइयों के बीच यह संदेश पहुंचाना था कि अपने बेटों को भी खूब शिक्षित कर अपने सपनों को पूरा करें। किसान किसी भी तरह से नेता, अधिकारी या व्यापारी वर्ग से किसी मामले में पीछे नहीं है, फिर वे निजी समारोह ही क्यों न हों। उन्होंने बताया कि हेलिकाप्टर भोपाल की ही एक एयरवेज एजेंसी से मंगाया था।