नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
का कोलकाता में केंद्र सरकार के खिलाफ धरना रविवार रात से ही लगातार जारी
है। इस बीच ममता सरकार के रवैये के खिलाफ बीजेपी भी आक्रामक हो गई है।
सोमवार शाम केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद
ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी उस राजदार
को बचाने की कोशिश कर रही हैं, जो काफी कुछ जानता है। गठबंधन पर तंज कसते
हुए प्रसाद ने कहा, 'धरने के जरिए ममता अपने को नेता के रूप में भी
प्रॉजेक्ट कर रही हैं। राहुल गांधी और मायावती को भी पूछना होगा कि उनका क्या होगा।'
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, 'बंगाल में क्या हो रहा है? एक पुलिस कमिश्नर
नेताओं के साथ धरने पर बैठे हैं? इसका क्या मतलब है? धरने पर बैठकर पश्चिम
बंगाल की CM दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नक्शेकदम पर चल रही
हैं।' BJP नेता ने कहा कि हम उम्मीद करेंगे कि भ्रष्टाचार की जांच के
खिलाफ एजेंसी को नहीं झुकना चाहिए।
प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी का 2014 में किया
गया एक ट्वीट पढ़कर सुनाया। बीजेपी नेता ने कहा, '8 मई 2014 में कांग्रेस
पार्टी ने राहुल गांधी का बयान ट्वीट किया था कि पश्चिम बंगाल में चिट फंड
स्कैम में 20 लाख लोगों का पैसा डूब गया है। यह निंदनीय है।' प्रसाद ने कहा
कि हमारी सरकार ने 26 मई 2014 को शपथ ली और नारदा, सारदा और रोज वैली
मामलों की जांच इससे पहले शुरू हुई थी। ऐसे में विपक्षी दलों की मंशा पर
सवाल खड़े होते हैं, जो बीजेपी, अमित शाह और पीएम मोदी के खिलाफ अनाप-शनाप
बातें कर रहे हैं।
कब बनी SIT, कब पहुंचे SC?
बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने आगे कहा कि ममता ने 26 अप्रैल 2013 को पोंजी
स्कीम्स की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। उसके अध्यक्ष राजीव कुमार थे,
जो कोलकाता के पुलिस कमिश्नर हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी
समर्थक सुप्रीम कोर्ट गए थे और 9 मई 2014 को निर्देश दिया गया कि मामले की
जांच सीबीआई करेगी। SC ने कहा था कि नारदा, सारदा और रोजवैली मामलों के व्यापक ऐंगल की भी जांच की जाएगी।
प्रसाद ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सांसद मदन मित्रा, तापस पाल जैसे
कई बड़े नेता गिरफ्तार किए गए तब ममता ने कभी भी आलोचना नहीं की। सवाल उठता
है कि सारी मर्यादाएं तोड़कर ममता पुलिस कमिश्नर के समर्थन में धरने पर
क्यों बैठ गईं। सुदीप बंदोपाध्याय और मदन मित्रा की गिरफ्तारी पर ममता
व्याकुल नहीं हुईं तो 83 बैच के आईपीएस अफसर को बचाने के लिए वह इतनी
परेशान क्यों हैं? ऐसे में संदेह पैदा होता है कि राजदार बहुत जानता है।
कमिश्नर को कई बड़ी बातें पता हैं।
सीबीआई, समन और फिर अचानक क्यों पहुंची एजेंसी?
प्रसाद ने कहा कि एजेंसी ने सारे दस्तावेज मांगे थे। तीन बार पुलिस
कमिश्नर को सीबीआई की तरफ से समन गया कि आप आकर बयान दीजिए। जांच एजेंसी को
कानून के तहत अधिकार है कि वह किसी को भी बुलाए और बात करें। दो बार 2017
में और फिर 2018 में समन किया गया लेकिन हर बार वह बहाना बनाकर पेश नहीं
हुए।
जांच अधिकारियों के गजब तर्क
प्रसाद ने कहा कि जब सीबीआई ने कहा कि 10 जांच अधिकारियों को भेज दीजिए
तो कोई कहे कि मैं बूढ़ा हो गया हूं, कोई कहे कि मेरे भाई की मौत हो गई
है। पुलिस की ओर से कहा गया कि ये सब रिटायर हो गए हैं या अलग जगह पोस्टेड
हैं। सीबीआई ने कहा कि बताइए कि उनकी पोस्टिंग कहां है या रिटायर के बाद
कहां से हैं। इस पर कोई जवाब नहीं आया।
क्या दस्तावेजों के साथ हुई छेड़छाड़?
बीजेपी नेता ने कहा कि यहां कोई बड़ा षड्यंत्र है। तीन बार समन के बाद
भी जब कमिश्नर राजीव कुमार पेश नहीं हुए तो क्या सीबीआई बताकर आती कि हम आ
रहे हैं? प्रसाद ने कहा कि 2016 में यही पुलिस कमिश्नर थे और उन्हें चुनाव
आयोग ने हटाया था। बाद में इस राजदार को ममता ने वापस तैनात कर दिया।
उन्होंने कहा कि बीजेपी का साफ कहना है कि ममता सरकार भ्रष्ट लोगों को बचा
रही है। इस कारण घोटालों की जांच में बाधा बन रही है। उन्होंने कहा कि
आशंका यह भी है कि जब राजीव कुमार एसआईटी के हेड थे तो दस्तावेजों को नष्ट
या छेड़छाड़ किया गया हो।
गठबंधन पर तंज
उन्होंने कहा कि गठबंधन के जितने सिपाही हैं, सब कहीं न कहीं गंभीर
जांच के दायरे में हैं। राहुल गांधी बेल पर हैं। बिहार के नेता के पास
कितनी संपत्ति है, जांच चल रही है। लखनऊ के दोनों गठबंधन नेताओं की स्थिति
सबको पता है। हमारा स्पष्ट कहना है कि बंगाल में बीजेपी की बढ़ती
लोकप्रियता से ममता घबरा गई हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की सभा के लिए
मैदान छोटा दिया गया। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के हेलिकॉप्टर को लैंड नहीं
करने दिया गया। सीएम योगी को लैंड करने से रोका गया। पंचायत चुनावों में
लोगों को वोट नहीं देने दिया गया।
प्रसाद ने इस बात का भी जिक्र किया कि एक बार सेना अपने जवानों के लिए
ट्रैफिक टेस्टिंग कर रही थी तो ममता ने कहा था कि मुझे भारतीय सेना में
भरोसा नहीं है।
