Type Here to Get Search Results !

लोकसभा चुनाव-2019: चौथे चरण में भाजपा के दो तिहाई, कांग्रेस के आधे उम्मीदवार दागी

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के 29 अप्रैल को होने जा रहे चौथे चरण के चुनाव के लिए 71 सीटों पर हुए 928 नामांकनों में से 210 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार हैं। इसमें भाजपा के 57 में से 45 यानी करीब दो तिहाई और कांग्रेस के 57 में से 27 यानि करीब आधे उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हैं। शिवसेना और बसपा के 21-21 उम्मीदवार दागी हैं।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार 23 फीसदी प्रत्याशियों यानी 210 ने अपने खिलाफ मामलों का विवरण हलफनामे में दिया है। इनमें 158 के खिलाफ गंभीर मामले चल रहे हैं। भाजपा के 45 और कांग्रेस के 27 उम्मीदवारों में से कुछ ने अति गंभीर मामलों का भी खुलासा किया है। 60 निर्दर्लीयों ने भी आपराधिक मामलों और 45 निर्दलीयों ने अति गंभीर आपराधिक वादों का विवरण अपने हलफनामों में दिया है। इसमें 12 उम्मीदवारों पर तो अपराध साबित हो चुका है। 21 उम्मीदवारों के ऊपर महिलाओं से संबंधित अपराधों का आरोप है।  24 पर अपहरण, फिरौती समेत अन्य मामले, 5 पर हत्या का आरोप है। 14 प्रत्याशियों पर नफरत फैलाने के आरोप में मामले दर्ज हैं।
नहीं प्रकाशित करवा रहे विज्ञापन
आयोग की ढिलाई के चलते तीन चरणों का मतदान हो चुका है लेकिन अब तक किसी भी उम्मीदवार के आपराधिक मुकदमों पर किसी पार्टी ने विज्ञापन नहीं निकाला। जबकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि दलों को आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों की जानकारी विज्ञापन निकाल कर देनी है।  

सबसे अमीर नकुलनाथ: 
660 करोड़ की संपत्ति है मप्र के सीएम कमलनाथ के पुत्र की
चौथे चरण में किस्मत आजमा रहे नौ राज्यों के उम्मीदवारों में सबसे धनी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ हैं। छिंदवाड़ा से लड़ रहे नकुलनाथ की कुल संपत्ति 660 करोड़ रुपये है। नकुल के पास 618 करोड़ रुपये की चल और 41 करोड़ रुपये अचल संपत्ति है। 

झांसी के अनुराग शर्मा की संपत्ति 124 करोड़
124 करोड़ है संपत्ति झांसी से भाजपा प्रत्याशी अनुराग शर्मा की। चौथे दौर तक वह यूपी के सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। नासिक में प्रियंका, थाणे में विट्ठल नाथ और राजस्थान में टोंक सवाई माधौपुर से प्रेमलता बंशीलाल ऐसे निर्दर्लीय हैं, जिन्होंने अपनी संपत्ति शून्य बताई है।

यह तथ्य भी हैं रोचक
सबसे ज्यादा महिला उम्मीदवार 
चौथे चरण में 10 फीसदी महिला प्रत्याशी हैं, जबकि पहले तीन चरणों में यह क्रमश: 7, 8 और 9 फीसदी था। 
आधे प्रत्याशी स्नातक: 49 फीसदी प्रत्याशी स्नातक हैं और 44 फीसदी पांचवीं से 12वीं कक्षा तक पढ़े हैं।