रायबरेली। गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने रायबरेली और अमेठी संसदीय क्षेत्र में जनसभाएं करके कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी के लिए वोट मांगे। अमेठी संसदीय क्षेत्र के सिंहपुर के अहोरवा भवानी कस्बे में जनसभा में हार्दिक ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी पर हमला बोलते हुए कहा कि टीवी सीरियल में काम करना अलग बात है, लेकिन जनता के बीच में राजनीति के रूप में स्थापित होना दूसरी बात है।
मंत्री रहते हुए भी अमेठी का विकास नहीं कराया, बस जनता को लड़ाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि गुजरात मॉडल का नाम लेकर यहां जनता को गुमराह किया जा रहा है, जबकि गुजरात में किसानों, व्यापारियों, युवाओं, बेरोजगारों की दयनीय स्थिति है। जिस देश का प्रधानमंत्री शिक्षित बेरोजगार युवाओं को पकौड़ा बेचने का रोजगार सुझाए, उससे कोई अपेक्षा की भी नही जा सकती। इस मौके पर कमलेश कुमार अग्निहोत्री, प्रदीप सिंघल, विनोद मिश्रा मौजूद रहे।
रायबरेली संसदीय क्षेत्र के सतांव ब्लॉक क्षेत्र के देदौर गांव स्थित सरदार पटेल पार्क में आयोजित जनसभा में हार्दिक ने सोनिया गांधी को त्याग की मूर्ति बताया। हार्दिक ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर कहा कि पांच सालों के बाद बनारस की जनता मोदी से इतनी त्रस्त है कि वह इस बार का चुनाव मोदी को जरूर हराएगी।
2014 मे आप लोगों ने गलती कर दी। एक आदमी को आप गुजरात से बनारस लेकर आए। बनारस से आप लोगों ने दिल्ली भेज दिया और पाँच साल से उसी गलती का दंश झेल रहे हैं।
मंत्री रहते हुए भी अमेठी का विकास नहीं कराया, बस जनता को लड़ाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि गुजरात मॉडल का नाम लेकर यहां जनता को गुमराह किया जा रहा है, जबकि गुजरात में किसानों, व्यापारियों, युवाओं, बेरोजगारों की दयनीय स्थिति है। जिस देश का प्रधानमंत्री शिक्षित बेरोजगार युवाओं को पकौड़ा बेचने का रोजगार सुझाए, उससे कोई अपेक्षा की भी नही जा सकती। इस मौके पर कमलेश कुमार अग्निहोत्री, प्रदीप सिंघल, विनोद मिश्रा मौजूद रहे।
रायबरेली संसदीय क्षेत्र के सतांव ब्लॉक क्षेत्र के देदौर गांव स्थित सरदार पटेल पार्क में आयोजित जनसभा में हार्दिक ने सोनिया गांधी को त्याग की मूर्ति बताया। हार्दिक ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर कहा कि पांच सालों के बाद बनारस की जनता मोदी से इतनी त्रस्त है कि वह इस बार का चुनाव मोदी को जरूर हराएगी।
2014 मे आप लोगों ने गलती कर दी। एक आदमी को आप गुजरात से बनारस लेकर आए। बनारस से आप लोगों ने दिल्ली भेज दिया और पाँच साल से उसी गलती का दंश झेल रहे हैं।
