पटना। झारखंड विधानसभा की 81 सीटों में 46 पर महागठबंधन को बढ़त है। राज्य की स्थिति पर राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा- झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे यह दर्शाते हैं कि लोग गैर-भाजपाई पार्टियों के साथ हैं। राजस्थान, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बाद झारखंड के लोगों ने भी भाजपा को सत्ता से दूर रखने का निर्णय लिया।
शुरुआती रूझानों में मुख्यमंत्री रघुवर दास जमशेदपुर पूर्वी सीट से पीछे होने के बाद भी नतीजे उनके पक्ष में आने की उम्मीद जताई थी। उन्होंने प्रदेश के 3.25 करोड़ जनता का आभार व्यक्त किया था। पूर्व मंत्री सरयू राय ने कहा कि परिस्थितियां तय करती हैं कि कौन मुस्कुराएगा, कौन दुखी होगा। आज मेरी स्थिति मुस्कुराने की है। कल इससे अलग भी हो सकती है।
सत्ता के समीकरणों पर उन्होंने कहा- मैं कहीं (भाजपा में) नहीं जा रहा हूं। मेरे आगे-पीछे कोई नहीं है। अपनी छोटी सी कुटिया में खुश हूं। अगर भाजपा ने स्थिति समझी होती, तो हालात दूसरे होते। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा- परिणाम हमारी उम्मीद के मुताबिक नहीं हैं। हमें लोगों के जनादेश को मानना होगा। हम वही भूमिका निभाएंगे, जो जनादेश मिलेगा। नतीजे आने दीजिए, फिर बैठकर चर्चा करेंगे कि क्या करना है।
भाजपा को आजसू और झाविमो से समर्थन का फैसला लेना चाहिए: अर्जुन मुंडा
रुझानों में जेएमएम-कांग्रेस-राजद गठबंधन को बहुमत मिलता नजर आ रहा है। इस पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने सोमवार को कहा कि यदि जरूरत हो तो पार्टी को ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) और झाविमो से समर्थन लेने का फैसला करना चाहिए। हमें अंतिम परिणाम का इंतजार करने की जरूरत है, क्योंकि ये सिर्फ रुझान हैं। भाजपा कई निर्वाचन क्षेत्रों में विपक्ष को कड़ी टक्कर दे रही है।
‘हेमंत सोरेन गठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के दावेदार’
झारखंड कांग्रेस के प्रभारी आरपीएन सिंह ने कहा- हमें पूरा भरोसा था कि झारखंड में हमारे गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिलेगा। रुझान अच्छे हैं, लेकिन मैं परिणाम आने तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा। हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि हेमंत सोरेन गठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे। वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि इस चुनाव में महागठबंधन क्लीन स्वीप करने जा रहा है। हमने हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चुनाव लड़ा है। वह मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।
नागरिकता बिल को झारखंड चुनाव से जोड़ना गलत: शिवराज
झारखंड विधानसभा चुनाव के रुझानों में भाजपा के पिछड़ने को नागरिकता बिल से जोड़ने को पार्टी उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने गलत करार दिया है। जयपुर में शिवराज ने कहा- इसका सवाल ही नहीं उठता, विधानसभा चुनाव राज्य के मुद्दों पर लड़े जाते हैं।
‘बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार गठन का नैतिक अधिकार हमारे पास’
भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि अगर हम बहुमत का आंकड़ा नहीं जुटा पाते हैं तो हम सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेंगे। हालांकि, एकल सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्य में नई सरकार के गठन के दावे का नैतिक अधिकार हमारे पास होना चाहिए। हमने पांच साल से राज्य में स्थिर सरकार दी है।
भाजपा 27 सीट पर आगे
81 सीटों पर आए चुनाव आयोग के रुझानों के मुताबिक, भाजपा 27, जेएमएम 25, कांग्रेस 13, आरजेडी 5, जेवीएम (पी) 4, आजसू 3, बसपा 2 और सीपीआई (माले) 1 सीट पर आगे है।
बहुमत के लिए 41 सीटों का आंकड़ा
30 नवंबर से 20 दिसंबर तक 5 चरणों में वोट डाले गए थे। कुल 65.23% वोटिंग हुई थी। 2014 के विधानसभा चुनाव में यहां 66.6% वोट डाले गए थे। किसी भी दल को बहुमत के लिए 41 सीटों का आंकड़ा हासिल करना होगा।
