मुंबई। 'दबंग3' टिपिकल सलमान खान फिल्म है। इसमें एक्शन, इमोशन और ड्रामा सब कुछ ओवर द टॉप है। निर्देशक प्रभु देवा ने फिल्म को मुद्दापरक बनाने की कोशिश की है। लेकिन यह पूरी तरह मसाला एंटरटेनर बनकर रह गई है।
फिल्म की कहानी सलमान खान ने स्वयं लिखी है और बतौर कहानीकार यह उनका बॉलीवुड डेब्यू है। यह कहानी चुलबुल पांडे (सलमान खान) के दबंग बनने से पहले की है। उनकी जिंदगी में रज्जो (सोनाक्षी सिन्हा) से पहले खुशी (सई मांजरेकर) आती है। चुलबुल को पहली नजर में ही खुशी से प्यार हो जाता है। इसी बीच कहानी में विलेन बाली सिंह (किच्चा सुदीप) की एंट्री होती है और लव स्टोरी रिवेंज ड्रामा में बदल जाती है।
सलमान खान अपने चिरपरिचित अंदाज में दिखे हैं। वहीं किच्चा सुदीप ने जबर्दस्त काम किया है। खुशी के रोल में सई मांजरेकर को फिल्म में ज्यादा स्पेस नहीं मिला, लेकिन जितना भी हिस्सा उनके जिम्मे आया, उसमें वे खूबसूरत और कॉन्फिडेंट नजर आती हैं। इमोशनल सीन्स उन्होंने बखूबी किए हैं। सोनाक्षी सिन्हा, अरबाज खान और बाकी अन्य कलाकार कुछ खास असर नहीं छोड़ते।
फिल्म जरूरत से ज्यादा लंबी हुई है। किरदारों की एंट्री और इंट्रोडक्शन में काफी वक्त लिया गया है। हालांकि, इसके पीछे सलमान के चाहने वालों का 'लार्जर दैन लाइफ' सिनेमा का तर्क हो सकता है। सलमान ने कहानी गढ़ने में अपने चाहनेवालों का पूरा ध्यान रखा है। फिल्म रियल सिनेमा के शौकीनों को पसंद नहीं आएगी, क्योंकि इसमें तर्कों का अभाव है। हालांकि, सिंगल स्क्रीन सिनेमा और मसाला फिल्मों के दर्शक जरूर इस पर सीटी और तालियां बजाते नजर आ सकते हैं।
