नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए के मुद्दे पर उत्तर-पूर्व दिल्ली में सोमवार को लगातार दूसरे दिन हिंसा हुई। जाफराबाद और मौजपुर इलाके में सीएए विरोधी और समर्थक गुटों में हिंसक झड़प हुई। इसमें दो लोगों की मौत हो गई। सिर पर पत्थर लगने से हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की मौत हो गई, जबकि गोली लगने से एक प्रदर्शनकारी की भी मौत हो गई। शहादरा के डीसीपी अमित शर्मा जख्मी हो गए। उपद्रवियों ने कई जगहों पर गाड़ियों में आग लगा दी। भजनपुरा में पेट्रोल पंप भी फूंक दिया। जाफराबाद में उपद्रवियों ने खुलेआम पिस्तौल लहराई और फायरिंग की। खजूरी खास में पुलिस खुद भी उपद्रवियों पर पथराव करती नजर आई।
लगातार दो दिन हुई हिंसा के बाद उत्तर-पूर्व दिल्ली में सीआरपीएफ की 8 कंपनियां तैनात की गई हैं। डीएमआरसी ने एहतियातन 5 मेट्रो स्टेशन जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर, गोकुलपुरी, जोहरी एन्क्लेव और शिव विहार मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया है। इस रूट की ट्रेनें वेलकम स्टेशन तक ही जाएंगी। जिस इलाके में हिंसा भड़की है, वह चाणक्यपुरी से करीब 20 किमी की दूरी पर है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ठहरे हैं। हिंसा के बाद गृह मंत्री अमित शाह को दिल्ली के हालात का जायजा लेने के लिए आपात बैठक बुलानी पड़ी। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि ट्रम्प के दौरे की वजह से जानबूझकर हिंसा भड़काई गई है।
