खंडवा। एक साल पहले जिले के 28 हजार किसानाें ने समर्थन मूल्य पर 16 लाख क्विंटल गेहूं व मक्का खरीदी करने वाली संस्था विपणन संघ काे बेचा था। शासन की ओर से गेहूं पर 160 रुपए व मक्का पर 250 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बाेनस की राशि 31 कराेड़ रुपए किसानाें के खाताें में डालनी थी, लेकिन नहीं डाल पाए। शासन ने गेहूं व मक्का के बाेनस की सूची ताे कृषि विभाग काे भेज दी, लेकिन वितरण करने के लिए राशि नहीं दी। यही नहीं, साेयाबीन की ताे सूची तक कृषि मंत्रालय की ओर से नहीं मांगी गई।
एक साल पहले 2019-20 में जिले के 22 हजार 81 किसानाें ने 15 लाख 65 हजार 319 क्विंटल गेहूं समर्थन मूल्य पर जिला विपणन संघ काे बेचा था। इसमें 160 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बाेनस के लिए कृषि विभाग ने 24 कराेड़ 71 लाख 48 हजार 867 रुपए की डिमांड शासन काे भेजी थी। इसी प्रकार 6 हजार 334 किसानाें ने 97 हजार 754 क्विंटल मक्का बेचा था जिसकी बाेनस की राशि 250 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 6 कराेड़ 82 लाख रुपए थी, लेकिन किसानाें राशि का भुगतान आज तक नहीं हुआ। खरीफ सीजन 2019-20 में साेयाबीन की बाेनस राशि भी किसानाें काे दी जाना थी, लेकिन शासन की ओर से ना ताे किसानाें की सूची मांगी गई ना ही कृषि विभाग ने रकबे के अनुसार बाेनस राशि की डिमांड भेजी।
इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपएरबी सीजन 2020-21 में गेहूं बेचने के लिए जिले के 69 केंद्राें पर पंजीयन की प्रक्रिया 1 फरवरी से शुरू हाे गई है, जाे 28 फरवरी तक चलेगी। इस बार शासन ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन इस पर बाेनस की राशि तय नहीं की गई।
प्याज के बाेनस में छूट गए 300 किसानसरकार ने पिछले साल भावांतर में जिले के 602 किसानाें से प्याज खरीदा था। जिसमें भावांतर की राशि 2 कराेड़ 71 लाख 97 हजार 910 थी। इसमें से शासन द्वारा 302 किसानाें के खाते में 1 कराेड़ 24 लाख 72 हजार 109 रुपए का बाेनस ट्रांसफर किया गया, जबकि बचे 300 किसानाें काे 1 कराेड़ 47 लाख 25 हजार 801 रुपए का बाेनस अाज तक नहीं मिला। किसान अब भी बाेनस मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
