नई दिल्ली। कोरोनावायरस की वजह से चीन के हुबेई प्रांत में फंसे केरल के 15 छात्र शुक्रवार रात कोच्चि पहुंच गए। एयरपोर्ट के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि छात्र पहले चीन के कुंमिंग एयरपोर्ट से बैंकॉक पहुंचे थे। फिर एयर एशिया के विमान से यहां आए। एयरपोर्ट पर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद सीधे उन्हें कलामसेरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया गया। उधर, दक्षिण चीन मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की हेल्थ कमिशन ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कोरोनावायरस के नए नाम की घोषणा की। अब इसे नोवेल कोरोनावायरस निमोनिया (एनसीपी) के नाम से जाना जाएगा। जब तक इसका कोई स्थायी नाम नहीं रखा जाता है, तब तक इसे (एनसीपी) चीन में सरकारी विभागों और संगठनों द्वारा अपनाया जाना चाहिए। चीन में इससे अब तक 722 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, फिलीपिंस और हॉन्गकॉन्ग में 1-1 युवक की जान गई है।
मृतकों का आंकड़ा दो दशक पहले चीन-हॉन्गकॉन्ग में सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स) से मरने वालों से भी ज्यादा हो गया है। नोवेल कोरोनावायरस और सार्स एक ही श्रेणी के वायरस हैं। 2002-2003 में चीन और हॉन्गकॉन्ग में सार्स से लगभग 650 लोगों की मौत हुई थी। दुनियाभर में 120 से ज्यादा लोग मारे गए थे। वहीं, केरल में पिछले चार दिनों से कोरोनावायरस का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने शुक्रवार को राज्य आपदा की घोषणा को वापस ले लिया। तीन मामलों की पुष्टि होने के बाद 3 फरवरी को राज्य आपदा घोषित किया गया था। हालांकि, राज्य में 3014 लोगों को निगरानी में रखा गया है। इनमें से 61 अलग-अलग अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड में हैं।
चीन समेत चार देशों से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी, 21 एयरपोर्ट और 12 बड़े बंदरगाह तय किए गए
उधर, कोरोनावायरस से संक्रमण की वजह से जापान के बंदरगाह पर ही छोड़े गए जहाज में कई भारतीय भी फंसे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को ट्वीट किया- कई भारतीय क्रू मेंबर्स दल और यात्री कोरोनावायरस की वजह से जहाज पर फंसे हैं। अब तक किसी की भी पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आई है। हम उन पर नजर बनाए हुए हैं।
चीन के स्वास्थ्य आयोग के अनुसार, कोरोनावायरस से शनिवार को 86 लोगों की मौत हो गई। 3399 नए मामले दर्ज किए गए। चीन में 34,500 मामलों की पुष्टि हो गई है। चीन के हुबेई प्रांत में दिसंबर में कोरोना का पहला मामला सामने आया था। उसके बाद से अब तक चीन के 30 से ज्यादा शहरों को लॉकडाउन किया जा चुका है। हुबेई के वुहान शहर में करीब 5.6 करोड़ लोगों की आवाजाही पर रोक है। जानकारी के मुताबिक, चीन के अस्पतालों में कोरोनावायरस से बचाव के लिए मरीजों को कछुआ का मांस खाने के लिए दिया जा रहा है।
वुहान में एक अमेरिकी नागरिक की मौत
अमेरिकी दूतावास ने शनिवार को कहा कि वुहान में कोरोनावायरस से 6 फरवरी को एक अमेरिकी युवक की मौत हो गई। युवक की उम्र 60 साल थी और वह वुहान के अस्पताल में भर्ती थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में कहा, ‘‘चीन घातक कोरोनावायरस से लड़ने के लिए बेहतर काम कर रहा है। चीन इससे निपटने के लिए बहुत मेहनत कर रहा है। गुरुवार देर रात मेरी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अच्छी बातचीत हुई। चीन लगातार विश्व स्वास्थ्य संगठन और रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के संपर्क में है।’’ अमेरिकी स्वास्थ्य सचिव एलेक्स अजहर ने कहा कि अमेरिका में कोरोनावायरस के 12 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। ट्रम्प ने विश्व स्तरीय विशेषज्ञों को चीन भेजने की पेशकश की है।
जापान में जहाज पर 64 लोगों में संक्रमण की पुष्टि
उधर, जापान के जहाज पर सवार करीब 64 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। इनमें जापान के 28, अमेरिका के 11 और कनाडा के सात यात्री शामिल हैं। जहाज पर 56 देशों के लगभग 3700 लोग हैं। इनमें 2,700 यात्री और 1,000 क्रू मेंबर्स हैं। जापान सरकार ने बाकी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को लगभग 14 दिनों तक जहाज पर ही रहने के लिए कहा है।
कोरोना का सबसे पहले खुलासा करने वाले डॉक्टर की मौत
सबसे पहले कोरोनावायरस का खुलासा करने वाले 34 साल के वुहान के डॉक्टर की भी इसकी चपेट में आने से मौत हो गई। यह महामारी करीब 27 से ज्यादा देशों में फैल चुकी है। चीन के वुहान में कोरोनावायरस संक्रमण से निपटने के लिए प्रशासन ने आक्रामक रवैया अपना लिया है। पुलिस अब लोगों के घर में घुसकर जांच कर रही है। सरकार की ओर से पुलिस को आदेश है कि वह कोरोनावायरस संक्रमितों को इकट्ठा कर बाकी लोगों से अलग-थलग (क्वारैंटाइन जोन) रखें।
