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सरकार ने पैरासिटामॉल समेत 26 ड्रग इंग्रीडिएंट्स के निर्यात पर रोक लगाई


नई दिल्ली। सरकार ने पैरासिटामॉल समेत दवाएं बनाने में इस्तेमाल होने वाले 26 फॉर्मूलेशन और एक्टिव फार्मास्यूटिकल्स इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) के निर्यात पर रोक लगा दी है। डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) ने मंगलवार को इसका नोटिफिकेशन जारी किया। यह तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। चीन समेत अन्य देशों में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए एहतियातन यह फैसला लिया गया है, ताकि देश में दवाओं की कमी नहीं हो। ज्यादातर एपीआई के लिए भारत चीन पर निर्भर है। लेकिन, वहां कोरोनावायरस फैलने की वजह से फैक्ट्रियां बंद हैं। ऐसे में वहां प्रोडक्शन नहीं हो रहा और सप्लाई रुकी हुई है।
इन 26 एपीआई, फॉर्मूलेशन के निर्यात पर रोक
  • पैरासिटामॉल
  • टिनिडेजॉल
  • मेट्रोनाइडेजॉल
  • एसायक्लोविर
  • विटामिन बी1
  • विटामिन बी6
  • विटामिन बी12
  • प्रोजेस्टेरॉन
  • क्लोरेमफेनिकॉल
  • इरिथ्रोमाइसिन सॉल्ट
  • निओमाइसिन
  • क्लिंडामाइसिन सॉल्ट
  • ऑर्निडेजॉल
  • फॉर्मूलेशन मेड ऑफ क्लोरेमफेनिकॉल
  • फॉर्मूलेशन मेड ऑफ इरिथ्रोमाइसिन सॉल्ट
  • फॉर्मूलेशन मेड ऑफ क्लिंडामाइसिन सॉल्ट
  • फॉर्मूलेशन मेड ऑफ प्रोजेस्टेरॉन
  • फॉर्मूलेशन मेड ऑफ विटामिन बी1
  • फॉर्मूलेशन मेड ऑफ विटामिन बी12
  • फॉर्मूलेशन मेड ऑफ विटामिन बी6
  • फॉर्मूलेशन मेड ऑफ निओमाइसिन
  • फॉर्मूलेशन मेड ऑफ ऑर्निडेजॉल
  • फॉर्मूलेशन मेड ऑफ मेट्रोनाइडेजॉल
  • फॉर्मूलेशन मेड ऑफ टिनिडेजॉल
  • फॉर्मूलेशन मेड ऑफ एसायक्लोविर
  • फॉर्मूलेशन मेड ऑफ पैरासिटामॉल
चीन में दवा फैक्ट्रियां बंद होने की वजह से भारत में पैरासिटामॉल 40% महंगी
अमेरिकी मीडिया हाउस ब्लूमबर्ग की पिछले महीने रिपोर्ट के मुताबिक, चीन से सप्लाई रुकने की वजह से भारत में पैरासिटामॉल दवाओं की कीमत 40% बढ़ गई है। जायडस कैडिला के चेयरमैन पंकज आर पटेल का कहना था कि बैक्टीरिया इंफेक्शन के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन की कीमतें 70% बढ़ गई हैं। पटेल ने कहा था कि मार्च के पहले सप्ताह तक चीन से सप्लाई शुरू नहीं हुई तो पूरी फार्मा इंडस्ट्री में इंग्रीडिएंट्स की कमी हो सकती है। एपीआई दवा बनाने में कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल होता है।
भारत 70% एपीआई के लिए चीन पर निर्भर
भारत सालाना 3.5 अरब डॉलर (25,200 करोड़ रुपए) के एपीआई इंपोर्ट करता है। इनमें से 2.5 अरब डॉलर (18,000 करोड़ रुपए) के यानी 70% एपीआई चीन से आते हैं। भारत ने पिछले साल 22.5 करोड़ डॉलर (1,620 करोड़ रुपए) के एपीआई एक्सपोर्ट किए थे।