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सावचेत रहणो ही ई बीमारी को इलाज: पूरा भीलवाड़ा आइसोलेट, 27 मार्च तक 30 लाख की आबादी की स्क्रीनिंग होगी


जयपुर। कोरोनावायरस के चलते राजस्थान के इतिहास में पहली बार लॉकडाउन किया गया है। दवा, किराना, मीडिया और चिकित्सा जैसी जरूरी सेवाएं छोड़कर सबकुछ बंद रहेगा। ऐसा भी पहली बार हो रहा है, जब किसी महामारी की वजह से लॉकडाउन किया गया है। इसकी वजह यह है कि भीलवाड़ा से कोरोना चेन बनी है। यहां एक संक्रमित डॉक्टर के जरिए 13 लोगों में संक्रमण फैला। फिर 6 हजार लोगों की स्क्रीनिंग करानी पड़ी। शनिवार को बांगड़ हॉस्पिटल के 5 और नर्सिंगकर्मी पॉजिटिव मिले। शुक्रवार को भी इसी अस्पताल के 3 डॉक्टर समेत 6 लोग पीड़ित पाए गए थे। इन्हीं में से एक डॉक्टर की पत्नी और एक डॉक्टर के भाई को भी कोरोना पॉजिटिव मिला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीमें भी यहां पहुंच गई हैं। अगले 72 घंटे क्रिटिकल माने जा रहे हैं।
अब पूरा जिला आइसोलेट, हर घर का हाेगा सर्वे
भीलवाड़ा जिले को आइसोलेट करने के साथ पूरी 30 लाख की आबादी का सर्वे कर स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने बताया कि भीलवाड़ा शहर में 300 टीमों ने 2 दिन में 40 हजार से ज्यादा परिवारों का सर्वे किया है। 27 मार्च तक जिले की स्क्रीनिंग कर ली जाएगी। अभी 722 लोग सामान्य खांसी-जुकाम से पीड़ित पाए गए हैं। 32 ऐसे लोगों का पता भी चला है जो हाल ही में विदेश से लौटे हैं या किसी विदेशी के संपर्क में आए हैं।
सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल के छिड़काव की जरूरत
भीलवाड़ा में काेराेना की भयावह स्थिति यानी स्टेज-3 काे देखते हुए डब्ल्यूएचओ और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन काम करने वाले नेशनल सेंटर ऑफ डिसीज कंट्राेल की टीम शनिवार सुबह भीलवाड़ा आई। डब्ल्यूएचओ  की टीम यह आकलन करने में लगी है कि बीमारी कितनी फैल सकती है और कैसे कंट्राेल किया जा सकता है? डिसीज कंट्राेल टीम ने एमजी हाॅस्पिटल में भर्ती पाॅजिटिव, संदिग्ध मरीजों सहित आउटडोर में आने वाले मरीजाें की बीमारी, इलाज, वर्किंग, एफर्ट का दाेपहर तक एनालिसिस किया और दिल्ली के लिए रवाना हाे गई। इन सभी बिंदुओं के आधार पर टीम एक रिपाेर्ट तैयार कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय काे साैंपेगी। एक्सपर्ट के अनुसार सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल के 1% छिड़काव की जरूरत है। लेकिन अभी तक अफसरों का ध्यान इस ओर नहीं गया। दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में लगे टीमों के एक्सपर्ट से बातचीत की तो पता लगा कि चीन के कुछ शहरों में ऐसे ही हालात बनने पर छिड़काव करने से स्थिति नाजुक होने से बची थी।
300 लाेग अस्पताल पहुंचे, अफसराें ने हाथ पर सील लगाई
बांगड़ हाॅस्पिटल में भर्ती मरीज और वहां काम करने वाले करीब 300 पुरुष व महिलाएं अलग-अलग समय एमजी हाॅस्पिटल पहुंचे और खुद काे भर्ती करने की बात कही। एमजी हाॅस्पिटल से उन्हें पर्ची बनाकर सीएमएचओ ऑफिस जाने के लिए कहा। जब वे वहां पहुंचे ताे उनका नाम, पता और माेबाइल नंबर लिए और हाथ पर सील लगाकर घर जाने के लिए कहा।
सावचेत रहणो ही ई बीमारी को इलाज
  • राजस्थानी में यह अपील कवि डॉ. कैलाश मंडेला के शब्दों में 
  • ‘‘आज देस, समाज अर सकल जगत पर कोरोना वायरस रो संकट घेरो घाल्यो है। 
  • मिनखजूण पर आई ईं आफत हूं आपां सगळा ने मिल कर लड़णो है। 
  • या लड़ाई अस्या दुसमण सूं है जींने हाल तांई कोई नी पिछाण सक्यो है। 
  • ईं सूं जीतबा रो केवल एक ही तरीको है, अर ऊ है भीड़ अर दूजा मिनखां सूं दूरी राखतां हुयां थोड़ा समय रे वास्ते खुद रे घरां मांय सावचेत हो’र रहणो। 
  • एक निवेदन आप सूं और है कि आपां सगळां री रक्षा, सुरक्षा अर सेवा म लाग्योड़ा सैनिक, पुलिस, चिकित्सा कर्मी, संगठन, व्यापारी अर समाज सेवियां रो हौसलों बढ़ाबा सारूं शाम पांच बज्यां अपणी भावना ने आप जरूर प्रगट करो।’’
लॉकडाउन क्या है?
दुनिया में सबसे पहला लॉकडाउन अमेरिका ने 9/11 आतंकी हमले के बाद तीन दिन के लिए किया था। इसके बाद 2013 को बोस्टन को आतंकियों की खोज के लिए लॉकडाउन किया गया था। नवंबर 2015 में पेरिस हमले के बाद संदिग्धों को पकड़ने के लिए ब्रुसेल्स लॉकडाउन किया गया था।
  • लॉकडाउन वह व्यवस्था है, जो महामारी या किसी आपदा के वक्त शहर में सरकारी तौर पर लागू होती है।
  • लॉकडाउन में उस क्षेत्र के लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं होती, उन्हें सिर्फ दवा या अनाज जैसी जरूरी चीजों के लिए बाहर आने की इजाजत मिलती है। बैंक से पैसा निकालने भी जा सकते हैं।