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लॉकडाउन की वजह से बच्चों में बढ़ा चिड़चिड़ापन; इसलिए कोलकाता में बच्चों से ऑर्गेनिक खेती कराई जा रही, ताकि वे खुश रहें

कोलकाता। देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से लगातार घर में रहने के कारण बच्चों में चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। वे बात-बात पर गुस्सा जता रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञों और मनोचिकित्सकों के पास हाल के दिनों में ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बात पश्चिम बंगाल की करें तो यहां परेशान माता-पिता बाल अधिकार सुरक्षा आयोग की हेल्पलाइन पर लगातार फोन कर रहे हैं। आयोग के काउंसलर्स ने कई बच्चों और किशोरों की काउंसलिंग भी की है। देश के बाकी हिस्सों में भी यही स्थिति है। देश में लॉकडाउन अब तीन मई तक के लिए बढ़ गया है। ऐसे में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के कुछ आवासीय परिसरों में तो वहां रहने वालों ने बच्चों को व्यस्त रखने के लिए एक अनूठा कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत परिसर के भीतर ही बच्चों से ऑर्गेनिक सब्जियों की खेती कराई जा रही है। इससे बच्चे खेती-किसानी के काम से जुड़ रहे हैं और खुश हैं। शहरी बच्चों के लिए यह एक नया अनुभव है। आठवीं में पढ़ने वाला सौम्यदीप कहता है, "यह काम बहुत अच्छा लग रहा है। इसमें समय कैसे बीत जाता है, पता ही नहीं चलता।' बच्चों की इस व्यस्तता और उनके चेहरे पर खिलने वाली हंसी देखकर उनके मां-बाप भी सुकून में हैं।
ऐसे ही एक परिसर में रहने वाले आईटी इंजीनियर विकास मंडल बताते हैं, "शुरुआत में हम बच्चों को ले कर काफी परेशान थे, घर से दफ्तर का काम करने की वजह से हम उनको ज्यादा समय नहीं दे पाते थे, लेकिन उसके बाद सबने मिल कर बच्चों को इस काम में लगाने का फैसला किया। अब बच्चे भी खुश हैं और हम भी। बच्चे रोजाना कुछ न कुछ नया सीख रहे हैं।'